सोलर योजना में बड़ा खेल, मुफ्त प्रक्रिया के नाम पर जनता से हजारों की वसूली

सोलर योजना में बड़ा खेल, मुफ्त प्रक्रिया के नाम पर जनता से हजारों की वसूली
जबलपुर, यश भारत। मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री की पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर बड़ी लापरवाही और अवैध वसूली का मामला सामने आया है। सरकार जहां लोगों को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं से ऐसे शुल्क वसूल रही हैं जिन्हें पहले ही खत्म किया जा चुका है।जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 17 अप्रैल को आदेश जारी कर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया में लगने वाले रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क, मीटर जांच शुल्क और इंस्टालेशन-कमीशनिंग शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश दिए थे। आयोग ने स्पष्ट कहा था कि उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा।इसके बावजूद राज्य की तीनों विद्युत वितरण कंपनियां उपभोक्ताओं से 7 हजार से 13 हजार रुपये तक वसूल रही हैं। आरोप है कि आदेश लागू होने के 21 दिन बाद भी कंपनियों ने अपनी पुरानी व्यवस्था नहीं बदली। इससे आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
आयोग ने पूरी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल एग्रीमेंट लागू करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन कई स्थानों पर अब भी कागजी प्रक्रिया के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही हैं।प्रदेश में मार्च 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत केंद्र सरकार अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। यदि किसी उपभोक्ता से अवैध शुल्क मांगा जाता है तो वह आयोग या हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।







