
जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: जबलपुर में तीन व्यापारिक ठिकानों पर एकसाथ छापे
करोड़ों की टैक्स अनियमितता का शक
जबलपुर, यश भारत। क्रय-विक्रय और स्टॉक में भारी अंतर सामने आने पर स्टेट जीएसटी की टीम ने जबलपुर में एक साथ तीन स्थानों पर छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई बरेला स्थित श्री दादा ट्रेडर्स, महाराजपुर की बीएमडब्ल्यू और रद्दी चौकी स्थित अनिल ट्रेडिंग कंपनी में की गई। तीनों फर्मों में सरिया, सीमेंट, पेंट और लोहे का व्यापार किया जाता है।
दो दिनों तक लगातार चली इस कार्रवाई में जीएसटी विभाग को गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। सहायक आयुक्त राजेंद्र कुशराम ने बताया कि गोदामों में भारी मात्रा में स्टॉक पाया गया है, लेकिन दस्तावेजों के मिलान में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं।
क्रय-विक्रय और स्टॉक में अंतर, जांच जारी
सहायक आयुक्त के अनुसार, कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी है। पहले दिन रात तक पूरे स्टॉक की गणना पूरी नहीं हो सकी थी, जिसके चलते आज दोबारा जांच की जा रही है। रद्दी चौकी स्थित अनिल ट्रेडिंग कंपनी में डेटा जांच के दौरान क्रय-विक्रय में अंतर पाया गया है, वहीं स्टॉक में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। टैक्स और पेनाल्टी की वास्तविक राशि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
टर्नओवर के मुकाबले कम जीएसटी भुगतान
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों फर्मों द्वारा छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से माल मंगाकर बिक्री की जा रही थी। जांच में यह भी पाया गया कि फर्मों ने कथित तौर पर गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लिया और टर्नओवर की तुलना में कम जीएसटी जमा की।
इसी आधार पर जबलपुर संभाग-1 की तीन अलग-अलग टीमों द्वारा जांच की जा रही है। फिलहाल सभी फर्मों में मिले सरिया, सीमेंट और पेंट के भारी भंडार का दस्तावेजों से मिलान किया जा रहा है। जीएसटी विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही टैक्स चोरी की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।







