लिंग परीक्षण पर बड़ी कार्रवाई: जबलपुर के तीन सोनोग्राफी सेंटरों के लाइसेंस रद्द, संचालकों पर एफआईआर
राजस्व-पुलिस-स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त जांच में हुआ खुलासा

जबलपुर,यशभारत। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए लागू पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 के तहत जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के तीन सोनोग्राफी सेंटरों के लाइसेंस और पीसीपीएनडीटी पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। संयुक्त जांच में इन संस्थानों में अधिनियम के गंभीर उल्लंघन सामने आने के बाद पुलिस ने संचालकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 27 और 28 जुलाई 2026 को राजस्व, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मालवीय चौक स्थित आर.के. डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर तथा अधारताल स्थित सरल डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान दोनों संस्थानों में पीसीपीएनडीटी अधिनियम एवं उसके नियमों के गंभीर उल्लंघन प्रथम दृष्टया पाए गए।
एक सेंटर से दूसरे सेंटर भेजी जाती थीं महिलाएं
जांच में यह भी सामने आया कि आर.के. डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर में आने वाली महिलाओं को कथित रूप से लिंग परीक्षण के लिए अधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी सेंटर भेजा जाता था। जांच टीम ने दोनों संस्थानों से रजिस्टर, फॉर्म-एफ सहित आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख जब्त किए, जिनके परीक्षण में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
तीन केंद्रों के लाइसेंस निरस्त
उपलब्ध साक्ष्यों, जांच प्रतिवेदन और जब्त अभिलेखों के परीक्षण के बाद पीसीपीएनडीटी अधिनियम की धारा-20 सहित अन्य प्रावधानों के तहत निम्नलिखित केंद्रों के लाइसेंस एवं पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए—
सरल डिजिटल एक्स-रे एंड सोनोग्राफी सेंटर, रविंद्र नगर, अधारताल (संचालक: डॉ. सतीश अग्रवाल)
महेश सोनोग्राफी सेंटर, कांचघर ईस्ट, घमापुर (संचालक: डॉ. सतीश अग्रवाल)
आर.के. एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर, विकास बाजार, मालवीय चौक (संचालक: डॉ. राजेन्द्र कुमार अग्रवाल)
सोनोग्राफी संचालन पर तत्काल रोक
सीएमएचओ कार्यालय ने संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश जारी होने के बाद पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत किसी भी प्रकार की सोनोग्राफी अथवा अन्य पंजीयन अपेक्षित गतिविधियों का संचालन नहीं करेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर अधिनियम एवं अन्य प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले में अवैध लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आगे भी सघन जांच अभियान जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।







