मध्यप्रदेश ने नए कानून के तहत किया वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, डॉ. सनवर पटेल बने अध्यक्ष

मध्यप्रदेश ने नए कानून के तहत किया वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन, डॉ. सनवर पटेल बने अध्यक्ष
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश नए केंद्रीय वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने नए बोर्ड के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस नए और संशोधित बोर्ड की कमान डॉ. सनवर पटेल को सौंपी गई है, जिन्हें बोर्ड का नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा कानून में किए गए संशोधनों के बाद नियमों के मुताबिक ही इस बोर्ड का गठन किया गया है। इस कदम से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, रख-रखाव और बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता और सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बोर्ड में दो हिंदू सदस्य शामिल, रचा इतिहास
इस पुनर्गठन की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक विशेषता यह है कि वक्फ बोर्ड के इतिहास में पहली बार दो गैर-मुस्लिम (हिंदू) समाज के प्रतिनिधियों को बोर्ड का हिस्सा बनाया गया है। सरकार ने मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव को नए बोर्ड में सदस्य नियुक्त किया है। नए कानून के प्रावधानों के तहत सामाजिक संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
नजमा हेपतुल्ला का कार्यकाल रहेगा बरकरार
अधिसूचना के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला वक्फ बोर्ड की सदस्य बनी रहेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह पहले से ही बोर्ड की सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 18 अप्रैल 2028 तक है। इसलिए नए बोर्ड में उन्हें उनके शेष कार्यकाल के लिए शामिल रखा गया है, जबकि अन्य सदस्यों का मनोनयन नई गाइडलाइंस के तहत किया गया है।
ये हैं नए बोर्ड के सदस्य
नए वक्फ बोर्ड में कुल 10 सदस्यों को जगह दी गई है। इनमें अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल के अलावा मनोज मालपानी, अनिमेश भार्गव और नजमा हेपतुल्ला शामिल हैं। इनके साथ ही भोपाल के उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक आतिफ अकील, फैजान खान, फातेमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान, शबाना खान और प्रशासनिक कोटे से पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आयुक्त को सदस्य बनाया गया है।







