
मध्यप्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अलका उपाध्याय को केंद्र सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (National Minority Commission) का सचिव नियुक्त किया गया है। लंबे समय से वे राज्य में नए चीफ सेक्रेटरी की दौड़ में प्रमुख दावेदार मानी जा रही थीं, लेकिन अब दिल्ली में पदस्थापना से इस रेस को नया मोड़ मिल गया है।
प्रशासनिक हलकों में हलचल
अलका उपाध्याय का नाम मुख्य सचिव की कुर्सी के लिए सबसे आगे माना जा रहा था। वे अपने कुशल प्रशासन और सख्त निर्णयों के लिए जानी जाती हैं। उनकी नियुक्ति के बाद अब मप्र में प्रशासनिक हलकों में नए समीकरण बनने लगे हैं। यह भी माना जा रहा है कि केंद्र सरकार का यह फैसला राज्य की ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक संतुलन से जुड़ा हुआ है।विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पसंख्यक आयोग जैसे अहम पदपर अलका उपाध्याय की नियुक्ति केंद्र की संवेदनशीलता को दर्शाती है। वहीं, मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव पद की रेस में अब अन्य वरिष्ठ आईएएस अफसरों के नाम तेजी से उभरने लगे हैं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि केंद्र और राज्य में संतुलन साधने के लिए अलका उपाध्याय को दिल्ली बुलाया गया।










