जूनियर डॉक्टर्स से ‘पुलिसिया गुंडागर्दी’ का मामला, सड़क पर बदसलूकी और 5000 की उगाही का आरोप

जूनियर डॉक्टर्स से ‘पुलिसिया गुंडागर्दी’ का मामला, सड़क पर बदसलूकी और 5000 की उगाही का आरोप
TI पर FIR दर्ज करने से इनकार करने और दुर्व्यवहार का आरोप; JDA ने कमिश्नर से मुलाकात की, कार्रवाई न होने पर थाने के घेराव की चेतावनी
भोपाल, यशभारत। राजधानी में पुलिसकर्मियों द्वारा जूनियर डॉक्टर्स के साथ अभद्रता और जबरन उगाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हमीदिया अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने रविवार को प्रेसनोट जारी करते हुए चार पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में एक पुरुष और दो महिला डॉक्टरों के साथ बीच सड़क पर बदसलूकी करने, आपत्तिजनक टिप्पणी करने और ₹5,000 की उगाही करने का गंभीर आरोप लगाया है।
जेडीए से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 28 नवंबर की शाम की है, जब डॉ. मुजीब और उनके साथ दो महिला डॉक्टर कलियासोत डैम से लौट रहे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार, नशे में धुत, चार पुलिसकर्मियों (पहचान पवन, सुनील और दो अज्ञात) ने उनकी कार को रोका।
जेडीए वाइस प्रेसिडेंट डॉ. यशवीर ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज की। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने एक महिला डॉक्टर से बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए पूछा, “अगर तुम्हारे साथ रेप हो जाए तो क्या कर लोगी। आरोपों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने डॉक्टरों के साथ धक्का-मुक्की की, उनका फोन छीना और 5,000 की उगाही की। इसमें से 2,500 नकद दिए गए, जबकि शेष 2,500 UPI (UPI ID: मधुकांत सोनी) पर ट्रांसफर कराए गए।
थाने में एफआईआर से इनकार और दुर्व्यवहार
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पीड़ित डॉक्टर अगले दिन (29 नवंबर) कोहेफिजा थाने में Zero FIR दर्ज कराने पहुंचे। JDA ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल शुक्ला ने न सिर्फ FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया, बल्कि डॉक्टरों को बार-बार पैसे लेकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। डॉक्टरों के इनकार करने पर, TI ने उन्हें ऊंची आवाज में डांटा और “यह मामला आगे न बढ़ाने” की चेतावनी दी। JDA के अनुसार, तीसरे दिन जब डॉक्टर दोबारा थाने पहुंचे तो TI ने गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं की।
JDA की चेतावनी: ‘कार्रवाई नहीं तो थाना घेराव’
इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोशित JDA ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की उन्होंने सरकार के सामने अपनी चार प्रमुख मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि यदि कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो वह थाने का घेराव करेंगे।
जेडीए की 4 प्रमुख मांगें:
चारों आरोपित पुलिसकर्मियों पर तत्काल FIR दर्ज की जाए।
TI कोहेफिजा कृष्ण गोपाल शुक्ला पर FIR दर्ज हो।
TI को 2–3 दिनों के भीतर लिखित माफी जारी करनी होगी।
पीड़ित डॉक्टरों को सुरक्षा दी जाए।







