जबलपुर पुलिस का प्रदेश में बजा डिजिटल डंका, ई एफआईआर दर्ज करने में नंबर वन, ई विवेचना में तीसरा स्थान मिला

जबलपुर । प्रदेश में जबलपुर पुलिस का डिजिटल डंका बजा है। दरअसल डिजिटल इंडिया और स्मार्ट पुलिसिंग के दौर में जबलपुर पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीटीएनएस) के प्रभावी क्रियान्वयन के फलस्वरूप ई एफआईआर दर्ज करने में जबलपुर जिला पूरे प्रदेश में नंबर वन पर है। वहीं, ई विवेचना (डिजिटल इन्वेस्टिगेशन) के मामले में जिले ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के नेतृत्व में की गई निरंतर मॉनिटरिंग, ट्रेनिंग प्रक्रिया की मुख्य भूमिका रही। कप्तान ने समय-समय पर सीटीएनएस कार्य की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार के लिए राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, विवेचकों की बैठकें ली सीसीटीएनएस में डाटा फीडिंग की समीक्षा की गई। फील्ड पर कार्य कर रहे आरक्षकों की समस्याओं को सुनकर सीसीटीएनएस प्रभारी के जरिए उनका तत्काल निराकरण कराया बल्कि आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
टॉप जिलों के आंकड़े
जिला- ई एफआईआर- ई विवेचना
जबलपुर- 1024 – 2621
इंदौर सिटी- 49 – 2525
ग्वालियर- 252 – 2433
भोपाल- 67 – 2200
उज्जैन- 499 – 1508
इंदौर देहात- 553 – 1343
सागर- 542 – 1250
शिवपुरी- 578 – 1177
हाईटेक हुई खाकी, कंट्रोल रूम में सीखी बारीकियां-
जबलपुर पुलिस अब कागजी कार्रवाई के साथ पूरी तरह डिजिटल हो रही है। कन्ट्रोल रूम में आयोजित की गयी कार्यशाला में विवेचकों को ई साक्ष्य, ई विवेचना, ई-एफ.आईआर, ई-चालान, ई-संमस की बारिकियां सिखाई गई। र्ई विवेचना के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदाय किये गये टैब के माध्यम से सभी विवेचकों को विवेचना, नक्श मौका, सम्बंधी प्रशिक्षण दिया गया। टैब के जरिए घटना स्थल पर पहुंचकर डायरी लेखन, घटना स्थल का नक्शा मौका, अपराध से सम्बंधित वीडियो, फोटो, दस्तावेज आदि अपलोड करना सिखया गया। जिसके परिणाम स्वरूप सीसीटीएनएस में मध्य प्रदेश के जिलो में ई-एफआईआर में जबलपुर जिले ने रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। ई-विवेचना में जबलपुर जिला तृतीय स्थान पर रहा।
क्या है सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट
सीसीटीएनएस प्रेाजैक्ट राष्ट्रीय ई-गर्वेनेंस योजना अन्तर्गत अपराध एवं अपराधियों का वास्तविक समय में पता लगाना है। सूचना प्रोैद्योगिकी की सहायता से अपराधियो की उच्च स्तरीय राष्ट्र व्यापी ट्रैकिंग प्रणाली तैयार करना है।








