कहीं इसलिए तो नहीं हो रहा भाजपा कार्यकारिणी की घोषणा में विलंब

जबलपुर यश भारत। भारतीय जनता पार्टी की महानगर कार्यकारिणी की घोषणा में हो रहे विलंब को लेकर अब पार्टी के अंदर ही तरह-तरह की चर्चाएं भी व्याप्त होने लगी है और विलंब के पीछे लोग अपने-अपने तरीके से कारण भी गिना रहे हैं। यदि चर्चाओं को सही माने तो कार्यकारिणी में हो रही विलंब के पीछे की प्रमुख वजह आपसी खींचातानी और अपने चहेतों को उपकृत कराना है। हाल ही में जब इंदौर उज्जैन की कार्यकारिणी घोषित हुई तो संगठन को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। इंदौर में तो स्थिति यहां तक पहुंच गई कि नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की फोटो पर कालिख पोत दी गई और पुतला तक फूंके गये। यह गतिविधियां बताती है कि भाजपा में अंदर ही अंदर सब ठीक नहीं चल रहा है। सवाल उठता है कि जिस भाजपा को कार्यकर्ता कैडर वाली पार्टी माना जाता रहा है और पार्टी खुद को अनुशासित होने का दंभ भी भरती रहती है लेकिन जिस तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं उनसे लगता है कि अनुशासन कैसे टूट रहा है। भाजपा के अंदरखाने मै चल रही चर्चाओं की माने तो पार्टी में अब पहले जैसा अनुशासन नहीं रहा। कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कई जिलों में कार्यकर्ताओं में नाराजगी और गुस्सा दिखाई दिया। इसीलिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अब बाकी जिलों में फूंक फूंक कर कदम बढ़ा रही है। शायद इसीलिए जबलपुर महानगर की कार्यकारिणी की घोषणा में विलंब हो रहा है। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों की माने तो महानगर अध्यक्ष ने तो पूरी सूची बनाकर ऊपर सौंप दी है लेकिन कुछ महत्वपूर्ण पदों को लेकर सहमति न बन पाने के कारण घोषणा में विलंब हो रहा है। हालांकि पार्टी के किसी जिम्मेदार से पूछो तो वह यही कहता है कि कुछ भी गड़बड़ नहीं है सब कुछ सामान्य है और ठीक चल रहा है लेकिन आए दिन समाचार पत्रों में सामने आने वाले विवाद कहानी कुछ और ही कहते हैं। अब वास्तविकता क्या है यह तो पार्टी से जुड़े लोग ही भली भांति बता सकते हैं।








