यशभारत खबर का असर – मिडघाट और कालियासोत पर पहुंची पुलिस, लोगों को दी समझाइश – यशभारत में खबर के प्रकाशन के बाद हरकत में आया प्रशासन

यशभारत खबर का असर – मिडघाट और कालियासोत पर पहुंची पुलिस, लोगों को दी समझाइश
– यशभारत में खबर के प्रकाशन के बाद हरकत में आया प्रशासन
भोपाल यशभारत।
प्राकृतिक झरनों पर आने वाले लोगों को अब पुलिस व प्रशासिनक अमले द्वारा समझाइश दी जा रही है। भोपाल से सटे फोरलेन पर स्थित मिडघाट और कालियासोत, अमरगढ़ झरनों पर पहुंचने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। इतना ही नहीं यहं पर आने वाले लोगों को खतरे के बारे में बताया जा रहा है व सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल तैनात किया गया है। मिडघाट पर लोग नीचे पहाड़ों पर स्थित झरनों पर नहीं जा सके इसके लिए फेंसिंग भी लगाई जा रही है। बरसात के दौरान झरनों पर दुर्घटना की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि 12 जुलाई के अंक में यशभारत ने झरनों पर लोगों की भीड़ पहुंचने का मामला उजागर किया था। इसके बाद भोपाल, रायसेन व सीहोर का प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा व्यवस्था की।
मिडघाट पर की जा रही तार फेसिंग
भोपाल से सबसे ज्यादा लोग मिडघाट पर पहुंच रहे हैं। यहां पर सबसे ज्यादा पहाड़ी झरने हैं, जो कि खतरनाक हो चुके हैं। इन झरनों से गिरते पानी का बहाव काफी अधिक है। जगह जगह बड़े गड्ढे भी हो चुके हैं। लोग यहां पर खतरे को नजरअंदाज कर पहुंच रहे हैं। पूर्व में भी यहां घटनाएं हो चुकी हैँ। इसके बाद भी लोग झरनों के नीचे आते हैं। यहां पर अब सीहोर व बुधनी प्रशासन ने तार फेसिंग कराने की योजना तैयार की है। लोग तार फेसिंग के नीचे नहीं आ सकेंगें। यहां पर आने वाले लोगों को समझाश दी जा रही है।
फिसलन के कारण ज्यादा खतरनाक है जगह
बरसात के कारण फिसलन ज्यादा हो गई है। कई लोग नीचे तक पहुंच जाते हैं। संतुलन बिगडऩे के कारण गिर भी जाते हैं। फिसलन होने से यहां पर दुर्घटनाओं का खतरा सबसे ज्यादा है। जान जोखिम में डालकर प्राकृतिक झरनों में लोग पहुंच जाते हैं। पहाड़ी नदियों का पानी कभी भी बढ़ जाता है, जिसका अंदाजा किसी को नहीं रहता है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं, जिसमें लोग अचानक पानी बढऩे से फंसे हुए दिख चुके हैं।
प्रतिबंध का असर बेअसर
भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम सहित अन्य जगहों पर स्थानीय प्रशासन ने झरनों पर जाने पर प्रतिबंध लगाया है। झरनों के पास लोगों की आवाजाही को देखते हुए प्रतिबंध लगाया है। बावजूद इसके लोग इन झरनों पर पहुंच रहे है। एक अनुमान के मुताबिक करीब पांच सौ से अधिक लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या अधिक हो जाती है।
झरनों के पास लग रही अवैध दुकानें, वसूली जा रही दोगुनी राशि
झरनों के पास अवैध दुकानें भी लग रही है। चाट, फुल्की, भुट्टे सहित अन्य खाद्य सामग्री ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। यहां आने वाले लोगों से खाद्यसामग्री दो गुनी राशि वसूल की जाती है। यहां आने वाले लोगों का कहना है कि सुहाने मौसम में प्राकृतिक के बीच खाने का मचा अलग रहता है। मौसम का आनंद लेने के लिए आते हैं तो खाद्य सामग्री यहीं से लेते हैं। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना था कि दुकानदार अवैध रूप से दुकानें लगा रहे हैं, लेकिन अधिक राशि ली जाती है।
कालियासोत में पहुंची पुलिस
कालियासोत में भी पुलिस का अमला पहुंचा और लोगों को समझाइश दी। यहां पर रोजाना लोग पहुंच रहे हैं। तालाब के किनारे आने के कारण लोगों को खतरा ज्यादा रहता है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जा रहे हैं। बरसात के सीजन में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है।






