राजधानी में तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश, शहर की बत्ती गुल

राजधानी में तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश, शहर की बत्ती गुल
धूल के गुबार से थमी रफ्तार, कई इलाकों में छाया अंधेरा, प्री-मानसून की दस्तक से बदला मिजाज
भोपाल, यश भारत।राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में आज शनिवार शाम अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत तो मिली, लेकिन इसके साथ आई तेज धूल भरी आंधी और तूफान ने पूरे शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। देखते ही देखते दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला और विजिबिलिटी बेहद कम हो गई।
धूल के गुबार के बाद झमाझम बारिश
शाम होते ही आसमान में घने काले बादल छा गए और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगीं। आंधी इतनी जोरदार थी कि सड़कों पर चल रहे दोपहिया और चार पहिया वाहनों को जहां-तहां रुकना पड़ा। धूल के गुबार के ठीक बाद शहर के भोपाल शहर सहित बैरागढ़, कोलार, भेल और कटारा हिल्स जैसे आस-पास के क्षेत्रों में तेज बौछारों के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई।
कई इलाकों में ब्लैकआउट, फीडर ट्रिप होने से थमी बिजली
तेज आंधी-तूफान का सबसे बड़ा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। हवाओं की रफ्तार तेज होने के कारण कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां बिजली के तारों पर गिर गईं, जिससे कई मुख्य फीडर ट्रिप हो गए। सुरक्षा के लिहाज से बिजली कंपनी को कई इलाकों की सप्लाई रोकनी पड़ी। पुराने शहर से लेकर नए भोपाल के दर्जनों इलाकों में बत्ती गुल हो गई । बिजली विभाग की टीमें फॉल्ट सुधारने के लिए मुस्तैद हैं, लेकिन तेज हवा और बारिश के कारण काम में बाधा आ रही है।
प्री-मानसून एक्टिविटी से बढ़ी ठंडक
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्री-मानसून एक्टिविटी का असर है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण भोपाल और इसके आस-पास के जिलों में गरज-चमक की स्थिति बनी है। इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को चुभती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, आंधी के कारण शहर के कुछ हिस्सों में होर्डिंग्स और पेड़ों के गिरने की भी सूचना है, जिससे नगर निगम और बिजली अमला अलर्ट मोड पर आ गया है।







