एल्युमिनियम कारीगर बन सूने मकानों की रेकी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार

एल्युमिनियम कारीगर बन सूने मकानों की रेकी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार
चोरी के गहने खरीदने वाले दो सराफा कारोबारी भी धराए, 12 लाख का माल बरामद
भोपाल, यशभारत। राजधानी के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह एल्युमिनियम वर्क के बहाने कॉलोनियों में घूमकर रेकी करता था और रात के अंधेरे में ताले तोड़कर जेवरात साफ कर देता था। पुलिस ने गिरोह के 5 मुख्य सदस्यों सहित चोरी का माल खरीदने वाले 2 कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद किए गए हैं।
शादी के जेवर और रिटायर्ड कर्मचारी के घर को बनाया निशाना
चोरी की पहली वारदात गुलाबी नगर फेज-2 में विष्णु पारीक के घर हुई थी। पीड़ित अपनी पत्नी की शादी के गहने अलमारी में रखकर मां के साथ देवास गए थे, तभी चोरों ने धावा बोल दिया। दूसरी वारदात रिटायर्ड कर्मचारी विजय मोहन चौधरी के घर हुई, जब वे परिवार सहित बिहार गए हुए थे। इन वारदातों ने इलाके में दहशत फैला दी थी, जिसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करीब 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्धों के मूवमेंट पर नजर रखी गई, जिससे राहुल उर्फ सत्यम केवट, आयुष विश्वकर्मा, अंकुश अहिरवार, विशाल विश्वकर्मा और विशाल पवार के नाम सामने आए। पुलिस ने जब इन्हें हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने बागसेवनिया और कटारा हिल्स क्षेत्र में चोरी की कई वारदातें कबूल कीं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी किए गए जेवर नर्मदापुरम (होशंगाबाद) के सराफा बाजार में खपाते थे। पुलिस ने माल खरीदने वाले ‘लल्ला ज्वेलर्स’ के संचालक कृष्णकांत सोनी और सोना गलाने वाले अण्णा साहेब को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पेशे से शातिर अपराधी हैं। चोरी से मिली रकम का उपयोग वे महंगे होटलों में रुकने, घूमने-फिरने और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में करते थे। गिरोह का मुख्य सदस्य पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।







