पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ राजधानी में दाखिल हुए किसान, सीएम हाउस की ओर कूच – मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग

पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ राजधानी में दाखिल हुए किसान, सीएम हाउस की ओर कूच
– मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग
– सात दिन का राशन-पानी लेकर पहुंचे आंदोलनकारी
भोपाल, यश भारत । मध्यप्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ मंगलवार को भोपाल पहुंच गई। मंडीदीप स्थित भोपाल सीमा पर कलियासोत नदी के ब्रिज के पास पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को पार कर करीब दो हजार किसान राजधानी में दाखिल हुए। इसके बाद किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच कर दिया।
किसानों को भोपाल में प्रवेश से रोकने के लिए सीमा क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्ग को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी आगे बढ़ गए। किसानों के राजधानी में प्रवेश के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
सात दिन का राशन-पानी साथ लेकर आए
आंदोलन में शामिल किसान अपने साथ सात दिन का राशन और पानी लेकर पहुंचे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे वापस नहीं लौटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने मूंग की पूरी उपज की सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर यह यात्रा शुरू की है।
किसानों का कहना है कि मूंग की सरकारी खरीदी का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि उत्पादकों को अपनी पूरी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके साथ ही खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग की जा रही है।
ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था को हाईकोर्ट की मंजूरी
इसी बीच जबलपुर हाईकोर्ट ने कृषि आदान विक्रेता संघ की याचिका खारिज करते हुए प्रदेश में ई-विकास प्रणाली के तहत ऑनलाइन खाद वितरण व्यवस्था को सही ठहराया है। अदालत के इस फैसले के बीच किसानों का आंदोलन राजधानी पहुंचने से मुद्दा और गरमा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
किसानों के मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था के साथ शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो।







