बुजुर्ग दंपती मौत मामला: 3 खाली कारतूस मिलने से उलझी गुत्थी, दोहरी हत्या की आशंका

बुजुर्ग दंपती मौत मामला: 3 खाली कारतूस मिलने से उलझी गुत्थी, दोहरी हत्या की आशंका
भोपाल, यशभारत। राजधानी के ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर में रहने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्ग दंपती की संदिग्ध मौत के मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। घटनास्थल की बारीकी से जांच करने पर पुलिस को दंपती के शवों के पास से तीन खाली कारतूस बरामद हुए हैं। इस नए खुलासे के बाद अब पुलिस का शक मर्डर के बाद सुसाइड के साथ-साथ दोहरी हत्या के एंगल पर भी गहरा गया है।
सुदामा नगर स्थित मकान में अकेले रहने वाले रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी हेमंत बारीक और भेल के कस्तूरबा अस्पताल की पूर्व नर्स शकुंतला बारीक के शव शुक्रवार देर रात उनके बंद घर से बरामद किए गए थे। घटना का खुलासा तब हुआ जब उनका एक किरायेदार बकाया किराया देने के लिए उनके पास पहुंचा था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर किरायेदार को अनहोनी का अंदेशा हुआ, जिसके बाद उसने फौरन आसपास के लोगों और ऐशबाग थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।
शुरुआत में नहीं दिखे थे निशान, शव थे डीकंपोज
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम ब्रांच और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जब मुख्य दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुई, तो कमरे के अंदर का नजारा बेहद खौफनाक था। दोनों के शव पूरी तरह डीकंपोज होना शुरू हो चुके थे। शवों के अत्यधिक क्षत-विक्षत होने के कारण शुरुआती जांच में पुलिस को शरीर पर गोलियों के निशान साफ नजर नहीं आए थे, जिससे प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, मौके से तीन खाली कारतूस मिलने के बाद पूरी कहानी बदल गई है।
24 जून की शाम से थे लापता, पीएम रिपोर्ट का इंतजार
पड़ोसियों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि बारीक दंपती को आखिरी बार 24 जून की शाम को देखा गया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी के बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। मृतका की बहन शिवानी के अनुसार, दंपती के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता रहता था, जिसके कारण मायके पक्ष का आना-जाना कम था। उनका इकलौता बेटा परिवार के साथ विदेश में रहता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर किसी बाहरी व्यक्ति के जबरन प्रवेश या संघर्ष के पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन तीन कारतूसों का मिलना कई सवाल खड़े करता है। मौत की असली वजह, गोलियों की संख्या और सटीक समय का पता लगाने के लिए शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस को अब पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद ही इस उलझी हुई गुत्थी का पूरी तरह पटाक्षेप हो सकेगा।






