गर्मी का असर : जिला अस्पताल की ओपीडी-आईपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या
लू के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

जबलपुर, यशभारत। शहर में बीते कुछ दिनों से तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल सहित शासकीय और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासतौर पर उल्टी-दस्त (डायरिया) और वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है, जिनमें बच्चों की संख्या भी उल्लेखनीय है। जिला अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में शुक्रवार को 325 मरीज पहुंचे, जबकि बीते एक सप्ताह में कुल 2316 मरीजों का उपचार किया गया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी का भी लगभग यही हाल है, जहां सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार बढ़ती गर्मी और मौसम में बदलाव के कारण डायरिया, वायरल फीवर, गैस्ट्राइटिस, हीट स्ट्रोक और मलेरिया जैसे रोगों के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा बीपी, दमा, हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीज भी नियमित रूप से अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अस्पताल के कुछ वार्डों में बेड भरने की स्थिति बन गई है। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि अस्पताल में बढ़ती भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। मरीजों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
लू के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
चिकित्सकों के अनुसार पसीना न आना, त्वचा का गर्म व शुष्क हो जाना, सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, थकान, मतली और बेहोशी जैसे लक्षण हीट स्ट्रोक (लू) के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
गर्मी के प्रभाव से बचने के लिए डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, खाली पेट न रहने, ओआरएस घोल, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फलों के रस का सेवन करने की सलाह की है। इसके अलावा धूप में निकलते समय सिर को ढंकना, हल्के रंग के ढीले कपडे पहनना, छतरी और धूप के चष्टमे का उपयोग करना तथा चाय-कॉफी व मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी बताया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और सही खान-पान अपनाकर ही गर्मी के बढ़ते प्रभाव से बचा जा सकता है।







