
अहमदाबाद, 13 जून, 2025: शुक्रवार को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की जांच में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) बरामद हुआ है। ATS के एक अधिकारी ने बताया कि DVR को तत्काल कब्जे में ले लिया गया है और इसकी वैज्ञानिक जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। FSL टीम जल्द ही मौके पर पहुंचने वाली है।
DVR से खुलेंगे कई राज:
यह DVR, जिसे अक्सर ब्लैक बॉक्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, हादसे से ठीक पहले के महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग या कॉकपिट की रिकॉर्डिंग को उजागर कर सकता है। उम्मीद है कि यह दुर्घटना से पहले कॉकपिट या उसके आसपास की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दिखाएगा। इसमें मौजूद प्रत्येक वीडियोग्राफिक डेटा दुर्घटना के कारणों को समझने में निर्णायक साबित हो सकता है।

DVR: क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) विमान हादसों की जांच में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है। यह आमतौर पर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के साथ मिलकर काम करता है। जहाँ FDR विमान के तकनीकी डेटा जैसे गति और ऊंचाई को रिकॉर्ड करता है, वहीं CVR कॉकपिट के अंदर की बातचीत और ध्वनियों को रिकॉर्ड करता है। DVR इन सबसे एक कदम आगे बढ़कर वीडियो के माध्यम से कॉकपिट की दृश्य स्थिति, पायलटों की गतिविधियां और डैशबोर्ड पर आने वाले अलर्ट को रिकॉर्ड करता है।

आधुनिक विमानों में, DVR को कॉकपिट के अंदर या बाहर लगे कैमरों से जोड़ा जाता है, जिससे यह उड़ान के हर महत्वपूर्ण पल को रिकॉर्ड कर सके। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह अत्यधिक झटके या आग जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी डेटा को सुरक्षित रखने में सक्षम होता है। इस DVR की बरामदगी से उम्मीद है कि अहमदाबाद विमान हादसे के पीछे के सच का जल्द ही खुलासा हो सकेगा।







