भोपालमध्य प्रदेश

एमपी नगर में दुर्रानी कोचिंगऔर अनअकैडमी सील

एमपी नगर में दुर्रानी कोचिंगऔर अनअकैडमी सील

​फायर सेफ्टी मानकों की उड़ रही थीं धज्जियां, नोटिस की मियाद खत्म होते ही उपायुक्त भुवन गुप्ता की टीम ने जड़ा सरकारी ताला; हजारों छात्रों का भविष्य अधर में

​भोपाल, यशभारत। राजधानी के सबसे बड़े कोचिंग हब एम.पी. नगर में प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। फायर सेफ्टी मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने पर नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने दो नामचीन संस्थानों दुर्रानी कोचिंग और अनअकैडमी को पूरी तरह सील कर दिया है। उपायुक्त भुवन गुप्ता के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई से पूरे कोचिंग जगत में हड़कंप मच गया है।

​मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों बड़े संस्थानों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पहले ही वैधानिक नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की मियाद खत्म होने के बावजूद जब प्रबंधन ने लापरवाही नहीं सुधारी, तो प्रशासनिक अमला और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और दोनों संस्थानों के मुख्य द्वारों पर सरकारी ताला लटका दिया।

​न फायर NOC मिली, न इमरजेंसी एग्जिट गेट
​जांच के दौरान दोनों ही कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर कमियां पाई गईं। टीम को मौके पर न तो अनिवार्य फायर एनओसी मिली और न ही किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित एग्जिट गेट की व्यवस्था थी। इसके अलावा आग बुझाने वाले जरूरी उपकरण भी पूरी तरह नाकाफी या बंद पाए गए। अधिकारियों ने कहा कि संकरी जगहों पर हजारों मासूम बच्चों को बैठाकर सीधे तौर पर उनकी जान से खिलवाड़ किया जा रहा था।

​मौके पर ही बनाया गया पंचनामा
​इस महा-एक्शन को अंजाम देने के लिए नगर निगम और तहसीलदार की संयुक्त टीम मैदान में उतरी थी। कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी शैलेष चौहान, फायर ब्रिगेड के इफ्तिखार खान और पंकज खरे विशेष रूप से मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का मुआयना करने के बाद वहीं पर पंचनामा तैयार किया और सीलिंग की कानूनी औपचारिकता पूरी की।

​पालक परेशान, बच्चों की पढ़ाई पर संकट
​इतने बड़े संस्थानों के अचानक सील होने की खबर जैसे ही फैली, वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। दोपहर होते-होते भारी संख्या में चिंतित पेरेंट्स एम.पी. नगर पहुंचने लगे। बीच सत्र में कोचिंग बंद होने से बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर अभिभावक बेहद परेशान और असमंजस में नजर आए।

इनका कहना है..
​मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जो मनमानी की जा रही थी, यह कार्रवाई उसी का नतीजा है। कोचिंग माफिया समय रहते सुधर जाएं और नियमों का पालन करें, वरना आगे इससे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम
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