बादलों की मेहरबानी से मायानगरी जलमग्न, मुंबई को पानी पिलाने वाले बांध हो सकते हैं ओवरफ्लो! जानें कितना वाटर लेवल

मुंबई : महाराष्ट्र में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। सामान्य से अत्यधिक वर्षा होने के कारण जलाशयों और नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। खासकर, मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात झीलों (डैम) के जल स्तर में काफी बढ़ोतरी हुई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आंकड़ों के मुताबिक, इन जलाशयों में कुल जल भंडार अब उनकी संयुक्त क्षमता का 75.79 प्रतिशत है, जो सोमवार, 14 जुलाई तक 10,96,952 मिलियन लीटर था। इसमें धीरे-धीरे और वद्धि हो रही है। अगर, पानी के स्तर तेजी से बढ़ता है तो अतिरिक्त पानी का क्या होगा?
किस झील में कितना पानी?
मुंबई शहर में आबादी का बड़ा ग्राफ है, लिहाजा यहां पेयजल की आपूर्ति के लिए व्यापक पैमाने पर इंतजाम करने होते हैं। इसलिए पानी की आपूर्ति करने के वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी झीलों में बारिश का पानी एकत्र किया जाता है, जो जुलाई की शुरुआती बारिश में ही ओवरफ्लो होने की कगार पर हैं। इनमें से मोदक सागर 100 प्रतिशत पर पूरी क्षमता तक पहुंच गया है, इसके बाद मध्य वैतरणा 93.09 प्रतिशत, तानसा 81.66 प्रतिशत, ऊपरी वैतरणा 76.64 प्रतिशत, भटसा 66.61 प्रतिशत, तुलसी 51.69 प्रतिशत और विहार 49.16 प्रतिशत पानी का भंडारण हो चुका है।
हमारी सहयोगी वेबसाइट टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदक सागर, तानसा और वैतरणा झीलें पश्चिमी उपनगरों (Western Suburbs) को पानी उपलब्ध कराती हैं, जो दहिसर चेक नाका से बांद्रा तक और आगे माहिम और मालाबार हिल जैसे इलाकों तक फैले हैं। भाटसा प्रणाली, जिसमें भाटसा, विहार और तुलसी शामिल हैं, पंजरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लाट में ट्रीटमेट के बाद, मुलुंड चेक नाका से सायन और मझगांव तक, मुंबई के पूर्वी हिस्सों को पानी की आपूर्ति करती है।
मुंबई में कितनी बारिश?
मौसम विभाग ने (IMD) ने दिन भर मुंबई और उसके उपनगरों में मध्यम बारिश के साथ आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है। शहर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बौछारे गिरने का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में शहर में 11.92 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 22.64 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 15.84 मिमी बारिश दर्ज की गई।







