खरीदी में हुई गड़बड़ी के कारण जिले के लाखों परिवारों तक नहीं पहुंच रहा राशन गरीबों से दूर सरकारी निवाले, दुकानों में लटकने लगे ताले

खरीदी में हुई गड़बड़ी के कारण जिले के लाखों परिवारों तक नहीं पहुंच रहा राशन गरीबों से दूर सरकारी निवाले, दुकानों में लटकने लगे ताले
जबलपुर, यशभारत। जिले में धान घोटाले के नाम पर रोज नई कहानी सामने आ रही हैं। हालात ये हो गए हैं कि वेयर हाउस संचालकों से लेकर समिति प्रबंधक, ऑपरेटर तक तमाम कडिय़ां उलझती जा रही हैं। इसमें कई अधिकारियों के शामिल होने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है। यही वजह है कि अब अधिकारी बचकर इधर-उधर भाग रहे हैं और हर माह सोसायटी तक पहुंचने वाला अनाज नहीं पहुंच पा रहा है। वर्तमान में जिले में करीब एक हजार सरकारी राशन दुकानें हैं, इनमें से ज्यादातर में अनाज ही नहीं पहुंचा है। शहरी क्षेत्रों में फिर भी हालात ठीक बताए जा रहे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के हालात बदतर हैं, वहां तक अनाज ही नहीं पहुंच पा रहा है। लाखों ग्रामीण परेशान हैं।
अप्रैल खत्म, नहीं उठा राशन
सहकारी सोसायटियों में अप्रैल माह का राशन अब तक पहुंचकर बंट जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। अभी तक अप्रैल माह के राशन का कोटा ही नहीं उठाया गया है। इससे स्पष्ट है कि जब कोटा ही नहीं उठा तो राशन सोसायटी तक पहुंच ही नहीं पाया है। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण क्षेत्रों में है, जहां राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी लेने कोई तैयार नहीं हो रहा है। जिले में हैं 11 जीएसओ जिले की 1005 सोसायटी के निरीक्षण का जिम्मा 11 जीएसओ के हवाले है। यानी एक जीएसओ को करीब 100 सोसायटी की मॉनिटरिंग करनी होती है। तहसील स्तर पर एक-एक जीएसओ को तैनात किया गया है, वे मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। सोसायटी तक माल पहुंचा या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। जिले में 3 लाख 94 हजार कार्डधारी जिले में गरीबी- रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 3 लाख 94 हजार परिवार हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादा हैं। इस हिसाब से एक कार्ड में परिवार के 4 सदस्य भी माने जाएं, तो करीब 12 लाख लोगों के लिए राशन बंटता है, जिनमें से कई लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं। धान खरीदी में हुए घोटाले की आंच इन गरीब परिवारों को भी झुलसा रही है।







