एकजुट होकर ही किया जा सकता है ड्रग्स का खात्मा: अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चौहान

एकजुट होकर ही किया जा सकता है ड्रग्स का खात्मा: अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चौहान
भोपाल, यशभारत। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को दीमक की तरह प्रभावित करता है। ड्रग्स के खिलाफ इस लड़ाई में जब तक पूरा समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक इसे जड़ से खत्म करना मुमकिन नहीं है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर एक सकारात्मक जीवनशैली अपनानी होगी। यह बात अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान ने म.प्र. जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान भोपाल में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में कही। वे यहाँ नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। अपने प्रभावशाली व्याख्यान में उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराधों और युवाओं की सामाजिकजिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
चौहान ने प्रशिक्षण ले रहे मास्टर ट्रेनर्स का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन ट्रेनर्स के माध्यम से ही गांव-गांव और शहरों के कोने-कोने तक नशामुक्ति का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने सभी से जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर काम करने का आह्वान किया। वर्तमान डिजिटल युग की चुनौतियों का जिक्र करते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने प्रतिभागियों को साइबर अपराधों और सोशल मीडिया के दुरुपयोग के प्रति भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को सिर्फ नशे के जाल से ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और डिजिटल अपराधों से बचाना भी बेहद जरूरी है और इसके लिए व्यापक जागरूकता की आवश्यकता है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों से विशेष अपील की है कि वे अपने यहाँ कमेटियों का गठन करें। यह कमेटियां शैक्षणिक परिसरों में ड्रग्स की गतिविधियों पर कड़ी मॉनिटरिंग रखें और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बड़े पैमाने पर जनजागरूकता अभियान चलाएं और समाज को सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने इस व्याख्यान को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायी बताया। इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में नशामुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना तथा समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाना है।







