ड्रग तस्कर यासीन मछली को हमीदिया से वापस भेजा जेल

ड्रग तस्कर यासीन मछली को हमीदिया से वापस भेजा जेल
बीमारी के बहाने 15 दिनों से अस्पताल में काट रहा था मौज; जेल अधीक्षक बोले- मेडिकल बोर्ड ने नहीं दिया रिपोर्ट का जवाब
भोपाल, यशभारत। एमडी ड्रग्स तस्करी और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों में जेल की सलाखों के पीछे बंद आरोपी यासीन मछली के वीआईपी ट्रीटमेंट के खेल का पर्दाफाश हो गया है। करीब दो हफ्तों से बीमारी का बहाना बनाकर हमीदिया अस्पताल में ऐश कर रहे यासीन को मामला मीडिया में आने के बाद आनन-फानन में दोबारा भोपाल सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यासीन मछली ने कोर्ट को गुमराह कर मेडिकल ग्राउंड पर अस्पताल में भर्ती होने की सुविधा ली थी। हैरान करने वाली बात यह है कि उसे कोई भी ऐसी गंभीर बीमारी नहीं थी जिसके लिए उसे दो सप्ताह तक अस्पताल में रखा जाए। जैसे ही यह मामला सुर्खियों में आया, प्रशासन ने सक्रियता दिखाई और हमीदिया अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल डिस्चार्ज पेपर तैयार कर उसे जेल भेज दिया।
भोपाल जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने इस मामले में अस्पताल और मेडिकल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भांगरे के अनुसार, 24 दिसंबर को कोर्ट के आदेश पर यासीन को चेकअप के लिए हमीदिया भेजा गया था, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। हमने मेडिकल बोर्ड से पत्राचार के माध्यम से आरोपी की बीमारी की गंभीरता और मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन बार-बार संपर्क करने के बावजूद बोर्ड की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
बिना किसी बड़ी बीमारी के एक कुख्यात अपराधी को इतने दिनों तक अस्पताल में शरण मिलना अब जांच का विषय बन गया है। चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कुछ रसूखदारों और अस्पताल के कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। फिलहाल, आरोपी अब फिर से सलाखों के पीछे है, लेकिन इस मामले ने राजधानी की जेल और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच के तालमेल और सुरक्षा पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।







