
रोज़ खाते हैं व्हाइट ब्रेड? सावधान! सेहत को हो सकते हैं ये 5 बड़े नुकसान
ब्रेड-बटर, ब्रेड-जैम या चाय के साथ ब्रेड खाना भले ही स्वादिष्ट और आसान नाश्ता लगता हो, लेकिन अगर आप रोज़ाना व्हाइट ब्रेड का सेवन करते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार व्हाइट ब्रेड खाने से शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
व्हाइट ब्रेड मैदा से बनती है, जो एक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है। इसमें फाइबर की कमी होती है, जिससे जल्दी भूख लगती है और व्यक्ति ज़्यादा खाने लगता है। इसका सीधा असर वजन बढ़ने के रूप में सामने आता है।
इसके अलावा, व्हाइट ब्रेड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है। यह स्थिति डायबिटीज के मरीजों के लिए खासतौर पर खतरनाक मानी जाती है।
फाइबर न होने के कारण इसका सेवन पाचन तंत्र को भी कमजोर करता है। रोज़ व्हाइट ब्रेड खाने से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, अधिक मात्रा में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट लेने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ता है, जो दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
पोषण के लिहाज से भी व्हाइट ब्रेड कमजोर मानी जाती है, क्योंकि इसमें आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन की मात्रा बहुत कम होती है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि व्हाइट ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड, मल्टीग्रेन ब्रेड या फाइबर युक्त आहार को अपने नाश्ते में शामिल करें, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे।







