निराश्रित बच्चों को मिलेगा आधार, पंचायतों में सर्वे हुआ शुरू, पंचायतों में पहुंचे न्यायाधीश, कहा तैयार करो सूची, ग्राम पंचायत सचिवों के साथ की बैठक, दिए निर्देश

भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से अब निराश्रित बच्चों को आधार मिल सकेगा और वह समाज की मुख्य धारा से जुड सकेंगे।इसके लिए राजधानी की जिला पंचायतों में ‘साथी अभियान’ के तहत सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है, जिसकी निगरानी खुद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व न्यायाधीश सुनीत अग्रवाल द्वारा की जा रही है।वह खुद बुधवार को जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायतों में पहुंचे और ग्राम सचिवों से निराश्रित बच्चों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली द्वारा निराश्रित बच्चों को कानूनी पहचान प्रदान करने और सामाजिक कल्याण तक उनकी पहुंच सुगम करने के लिए उनके आधार कार्ड बनाने के उद्देश्य से साथी नाम से राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया है।इसके तहत न्यायाधीश सुनीत अग्रवाल ने जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत गुनगा, रतुआ रतनपुर, हिनोती सडक़, हर्राखेड़ा, तरावली और सोनकच्छ का भ्रमण किया ।साथ ही जनपद पंचायत बैरसिया में ग्राम सचिवों के साथ बैठक कर निराश्रित बच्चों की पहचान कर सूची तैयार करने के लिए कहा है। बता दें कि जिला न्यायालय भोपाल के कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दो जून 2025 को बैरसिया एसडीएम, एसडीओपी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैरसिया को पत्र लिखते हुए कहा है कि पंचायतों में साथी अभियान चलाकर निराश्रित बच्चों की पहचान की जाए और उनके आधार बनवाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं।
क्या है साथी अभियान – साथी अभियान में ऐसे बच्चे जिनके पास परिवार का समर्थन, संरक्षता या आश्रय, सुरक्षा और देखभाल का कोई स्थिर स्त्रोत नहीं है, के साथ-साथ सडक़ों, झुग्गी-झोपडिय़ों, रेलवे स्टेशनों पर रहने वाले बच्चे, देखभाल संस्थानों में रहने वाले, नहीं रहने वाले अनाथ बच्चे , परित्यक्त बच्चे, तस्करी, भीख मांगने, बाल श्रम से बचाए गए बच्चे, अनौपचारिक आश्रयों या अपंजीकृत बाल देखभाल गृहों में रहने वाले बच्चे, लापता बच्चे जो बरामद हुए है और जिन्हें परिवार को नहीं सौंपा गया है, आदि को शामिल किया गया है।
समाज की मुख्यधारा से जोडऩा है उद्देश्य- ग्राम पंचायत हर्राखेड़ा में आयोजित शिविर में न्यायाधीश सुनीत अग्रवाल ने बताया कि साथी अभियान का मुख्य उद्देश्य निराश्रित बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩा है।
जिससे उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।आधार बनने से उनकी पहचान स्थापित होगी और वह खुद को अकेला महसूस नहीं करेंगे।इस दौरान हर्राखेड़ा के सरपंच माचल सिंह ने बताया कि पंचायत में ऐसे करीब आठ बच्चे होंगे,उनकी सूची तैयार करवाई जा रही है।







