दतिया उपचुनाव: बीजेपी ने दिखाया दम, पुरानी गलतियों से सीखकर कांग्रेस ने चली सेफ चाल

दतिया उपचुनाव: बीजेपी ने दिखाया दम, पुरानी गलतियों से सीखकर कांग्रेस ने चली सेफ चाल
भोपाल, यशभारत। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर पहुंच गईं। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने भारी लाव-लश्कर और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। वहीं दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण पहले हुए नुकसान से सबक लेते हुए कांग्रेस ने इस सीट पर एक-दो नहीं, बल्कि तीन डमी उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कराकर सबको चौंका दिया है।
सीएम और नरोत्तम की मौजूदगी में बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के दौरान पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी और अंदरूनी असंतोष की खबरों को खारिज करते हुए एकजुटता का संदेश दिया। तिवारी का पर्चा दाखिल करवाने स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्र के कद्दावर नेता व पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। नामांकन के बाद वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि दतिया हमेशा से भाजपा का गढ़ रहा है और इस उपचुनाव में पार्टी ऐतिहासिक मतों से जीत दर्ज करेगी।
कांग्रेस की ट्रिपल लेयर सुरक्षा रणनीति
इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस की रणनीति की हो रही है। राज्यसभा चुनाव और हालिया कुछ अन्य चुनावों में ऐन वक्त पर नामांकन खारिज होने या तकनीकी खामियों के कारण सिंबल न मिल पाने का दंश झेल चुकी कांग्रेस इस बार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती।
कांग्रेस ने मुख्य प्रत्याशी घनश्याम सिंह के अलावा तीन डमी कैंडिडेट के भी फॉर्म भरवाए हैं। पार्टी की योजना साफ है यदि स्क्रूटनी के दौरान मुख्य उम्मीदवार के फॉर्म में कोई भी कानूनी या तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो भी डमी बैकअप के जरिए पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिन्ह हाथ का पंजा मैदान में सुरक्षित रहेगा।







