चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर, आंध्र-ओडिशा में हाई अलर्ट,21 उड़ानें और दर्जनों ट्रेनें रद्द

विशाखापत्तनम। बंगाल की खाड़ी में उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने के साथ तबाही का खतरा बढ़ा रहा है। तूफान के प्रभाव से तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और निचले इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन अलर्ट पर है। एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा सहित कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
84 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर तैयार किए हैं। अब तक 84 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चक्रवात से निपटने के लिए हजारों आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकालना और संभावित नुकसान को कम करना है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। श्रीकाकुलम, विजयनगरम, काकीनाडा, कोनसीमा, एलुरु, पश्चिम गोदावरी और विशाखापत्तनम समेत कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में 30 सेंटीमीटर तक बारिश होने की आशंका जताई गई है। निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुसने की संभावना को देखते हुए लोगों को अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
रेल और हवाई सेवाओं पर असर, 21 उड़ानें रद्द
चक्रवात का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों से मंगलवार और बुधवार को संचालित होने वाली कुल 21 उड़ानें रद्द किए जाने की जानकारी दी गई है। खराब मौसम और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विमान सेवाओं में बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। रेलवे ने भी तूफान के मद्देनजर कई ट्रेनों का संचालन रद्द किया है। दक्षिण मध्य रेलवे ने 11 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की है। इनमें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण तटीय रेलवे की ओर से भी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव भी किया जा सकता है।
फलकनुमा और गोदावरी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें प्रभावित
रद्द की गई ट्रेनों में सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, हैदराबाद-विशाखापत्तनम गोदावरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-भुवनेश्वर नई विशाखा एक्सप्रेस और सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम गरीब रथ सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा काकीनाडा टाउन, नरसापुर और काकीनाडा पोर्ट जाने वाली कुछ ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। महबूबनगर-विशाखापत्तनम सुपरफास्ट एक्सप्रेस, नांदेड़-संबलपुर नागावली एक्सप्रेस तथा चारलापल्ली-श्रीकाकुलम रोड स्पेशल का संचालन भी प्रभावित हुआ है। नागरसोल-नरसापुर एक्सप्रेस को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। रेलवे ने यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है।
ओडिशा में स्कूल बंद, उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ने के आसार
चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में मंगलवार से ही भारी बारिश हो रही है। राज्य के 16 जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद रखे गए हैं। तटीय क्षेत्रों में राहत और बचाव दलों को सतर्क रखा गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। चक्रवात का असर उत्तर भारत तक पहुंचने की आशंका है। उत्तर प्रदेश में 28 से 31 अक्टूबर के बीच कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं, 29 अक्टूबर को प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी सहित कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम के संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रेलवे और प्रशासन की तैयारियां तेज
चक्रवात से संभावित नुकसान को कम करने के लिए रेलवे ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। रेलवे ट्रैक और परिचालन व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, आपात स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मरम्मत सामग्री, राहत उपकरण और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। फिलहाल आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और आपात स्थिति में राहत दलों के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचें।







