नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस का धरना, भूख हड़ताल का ऐलान

नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस का धरना, भूख हड़ताल का ऐलान
भोपाल, यश भारत । राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर शाम कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भोपाल स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया और फैसले को लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और केवल अदालत से मिले नोटिस को आधार बनाकर नामांकन रद्द करना अनुचित है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव में यह फैसला लिया गया है।
शाम करीब 9 बजे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचे और गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
इससे पहले कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोषणा की कि बुधवार को पार्टी के सभी विधायक निर्वाचन आयोग कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे। साथ ही प्रदेश की सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को भी उपवास और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उधर, दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भारत निर्वाचन आयोग पहुंचा और मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह नामांकन रद्द करने के फैसले को अदालत में भी चुनौती देगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक उम्मीदवार के नामांकन की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिलने तक उसका विरोध जारी रहेगा।







