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मानसून मुहाने पर नाले नालियों की सफाई अधर मै, एक्टिव मोड पर निगमायुक्त चल रही व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण कहा कोताही नहीं होगी बर्दाश्त

जबलपुर यश भारत। बारिश के दिनों में जल प्लावन होना शहर की एक बड़ी समस्या है और अब जबकि मानसूनी बारिश कभी भी दस्तक दे सकती है ऐसे में उन क्षेत्रों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं जिनके घरों में पानी भरने की समस्या आम बात है इसके अलावा नाला नालियों की सफाई व्यवस्था ठीक से न होने के कारण शहर की सड़क भी बारिश के साथ जल भराव के कारण नहर सी दिखने लगते हैं और यह नजारे बारिश के दिनों में हर साल देखने को मिलते हैं। यदि वर्तमान की बात की जाए तो जल प्लावन को रोकने के लिए नगर निगम के द्वारा नाला नालियों की सफाई का कार्य तो युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है लेकिन अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर नाला नाली चौक पड़े हैं या गंदगी से अटे ऐसे में जलप्लावन से कैसी निजात मिलेगी यह मुश्किल दिखाई देता है। हालांकि इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त प्रीति यादव एक्टिव मोड पर नजर आ रही है और अपने पिछले साल के अनुभवों के आधार पर लगातार चल रही सफाई कार्यो की मौके पर पहुंचकर मानीटरिंग भी कर रही हैं। गत दिवस ही उन्होंने 6 स्थान पर पहुंचकर नाला नाली की सफाई के चल रहे कार्यो का निरीक्षण भी किया और जहां कमी दिखाई दी वहां सख्त निर्देश दिए तू कहीं के काम से वे संतुष्ट भी नजर आई। इस मामले को लेकर आज जब जब उनसे चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल 50 60% कम ही हुआ है और बाकी काम किया जाना अभी भी बाकी है। जिसको समय से पूर्व करने के लिए वे लगातार खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगी और यह क्रम लगातार जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने में कुछ व्यावहारिक परेशानियां भी सामने आ रही हैं जिन्हें दूर करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। गत दिवस उन्होंने पिंक सिटी चैतन्य सिटी ओमती नाल सहित 6 स्थान पर जाकर निरीक्षण किया। जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यहां पर अभी सफाई का काम तो चल रहा है लेकिन पूरा नहीं हुआ जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। गंगानगर में सफाई में कोतही देखकर उन्होंने संबंधित जिम्मेदार अधिकारी को शोकाज नोटिस भी जारी किया है। इसके अलावा चैतन्य सिटी के मामले में उन्होंने बताया कि यहां पर नाल नालियों की सफाई के अलावा खंदारी का लेवल कम करने की भी जरूरत है क्योंकि यहां समस्या बैकफ्लो के कारण आती है। पानी निकासी के लिए जहां पर डाइवर्ट रूट बनाए गए हैं उन्हें भी जल्द दुरुस्त करने की हिदायत दी गई है। आयुक्त प्रीति यादव के मुताबिक वे लगातार इन कार्यों पर नजर बनाए हुए हैं और उनकी पहली प्राथमिकता यह है कि जहां-जहां पिछले साल जल प्लावन की ज्यादा समस्या आई थी सबसे पहले उन क्षेत्रों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके।

नाला नालियों की सफाई में संसाधनों की कमी नहीं जरूरत है ईमानदारी से काम करने की

निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि नाला नालियों की सफाई को तीन श्रेणी में रखा गया है और इसके लिए आवश्यकता अनुसार संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। नाला गैंग के अलावा वार्ड में जो सफाई कर्मी है उनकी जिम्मेदारी भी बनती है कि वे सुचारु रूप से नाला नालियों की सफाई करें क्योंकि यह उनके काम का हिस्सा है इसके अलावा जहां पर मिनी हिटाची की आवश्यकता है वह उपलब्ध कराई जा रही है बड़े नालों की सफाई के लिए बड़ी मशीन उपलब्ध कराई गई हैं जो संसाधन निगम के पास है उसके अलावा बाहर से भी मशीनों को किराए पर लेकर कम पर लगाया गया है। नाला गैंग की दस टीम लगाई गई हैं इसके अलावा हर जोन की वार्डों में जो 40 40 सफाई कर्मी रहते हैं उन्हें भी कम पर लगाया जा रहा है क्योंकि वार्ड की नालियों की सफाई का जिम्मा तो सही मायने में इन्हीं का है। उन्होंने साफगोई से स्वीकार किया कि अभी तक करीब 50% कम ही पूरा हुआ है और अभी काम करने की बहुत जरुरत है लेकिन समय कम है क्योंकि अब बारिश कभी भी हो सकती है। इसके लिए वे सतत प्रयत्नशील है और लगातार क्षेत्र में जाकर निरीक्षण करेंगे उनकी प्राथमिकता है कि लोगों को जल प्लावन से निजात मिल सके। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वे सीरी ताल से लगे हुए इलाके और कॉलोनी के अलावा यादव कॉलोनी आधारताल जैसी क्षेत्र में जाकर भी क्या काम हुआ इसका जायजा लेंगी। और यह जब तक जारी रहेगा जब तक काम पूरा नहीं हो जाता।

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