
खंडवा,एजेंसी। महंगे शौक और उन्हें पूरा करने के लिए लिए गए कर्ज ने एक पढ़े-लिखे इंजीनियर को अपराध की राह पर ला खड़ा किया। बाइक की EMI चुकाने के लिए इस युवक ने ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। लेकिन कहते हैं न—कानून से कोई नहीं बच सकता। आखिरकार इंजीनियर से चोर बना यह युवक खंडवा जीआरपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मामला मध्य प्रदेश के खंडवा का है, जहां जीआरपी पुलिस ने महाराष्ट्र निवासी एक इंजीनियर युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रहे यात्रियों की नींद का फायदा उठाकर मोबाइल, नकदी और कीमती सामान चोरी करता था।
महंगे शौक बने अपराध की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बाइक और अन्य शौक पूरे करने के लिए कर्ज लिया था। जब EMI भरना मुश्किल हुआ तो उसने चोरी का रास्ता चुन लिया। आरोपी ट्रेनों में सफर कर यात्रियों के सिरहाने रखे बैग और पर्स पर हाथ साफ करता था।
महिला यात्री का पर्स चुराने से खुला मामला
24 जनवरी को फरियादी कन्हैयालाल मिश्रा अपनी पत्नी के साथ लोकमान्य तिलक टर्मिनस से पटना जाने के लिए ट्रेन नंबर 13202 जनता एक्सप्रेस के एसी कोच बी-2 में सफर कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी के सिरहाने रखा पर्स चोरी हो गया, जिसमें 6,500 रुपए नकद, कॉस्मेटिक सामान और वीवो कंपनी का मोबाइल था। घटना की सूचना पर पहले जीआरपी चौकी सतना में शून्य पर मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में खंडवा जीआरपी थाना स्थानांतरित किया गया।
मुखबिर की सूचना से आरोपी तक पहुंची पुलिस
25 जनवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि प्लेटफार्म नंबर-06 के पास एक संदिग्ध युवक मोबाइल बेचने की फिराक में घूम रहा है। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने दबिश देकर युवक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान योगेश पिता निवास चव्हाण (25) निवासी पोस्ट शेगी, तहसील मंगरुलपीर, जिला वाशिम (महाराष्ट्र) के रूप में हुई।
बैग से मिले 7 मोबाइल और नकदी
तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से लेडीज पर्स, 9,500 रुपए नकद, कॉस्मेटिक सामान और 7 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी ने महिला यात्री से पर्स चोरी करने की बात स्वीकार की, साथ ही इससे पहले किए गए दो अन्य चोरी के मामलों का भी खुलासा किया। जीआरपी थाना प्रभारी प्रकाश सेन ने बताया कि आरोपी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और आर्थिक दबाव के चलते अपराध में शामिल हुआ। फिलहाल आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है।







