भोपाल रेल मंडल ने राजस्व में 14% की बढ़त, डिजिटल सेवाओं और यात्री सुविधाओं में मारी बाजी

भोपाल रेल मंडल ने राजस्व में 14% की बढ़त, डिजिटल सेवाओं और यात्री सुविधाओं में मारी बाजी
भोपाल, यशभारत। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए हर क्षेत्र में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है। डीआरएम पंकज त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंडल ने माल ढुलाई, यात्री सेवा और डिजिटल नवाचारों के जरिए न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि यात्री सफर को भी अधिक सुगम और आधुनिक बनाया है।
राजस्व में बड़ी छलांग:
बीते वित्तीय वर्ष में मंडल ने माल ढुलाई से 896.38 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.99% अधिक है। यात्रियों की संख्या में भी 6.62% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे कुल यात्री राजस्व 1013.78 करोड़ तक पहुँच गया। गैर-किराया राजस्व में तो 125% की ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई है।
बुनियादी ढांचे का विस्तार:
अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में बीना-इटारसी के बीच चौथी लाइन की स्वीकृति मंडल के लिए बड़ी उपलब्धि रही। वहीं, ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का कायाकल्प पूरा कर लिया गया है।
हाईटेक हुईं सुविधाएं:
भोपाल स्टेशन पर अब यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल रही हैं। यहाँ आधुनिक स्लीपिंग पॉड्स, 300 की क्षमता वाला एग्जीक्यूटिव लाउंज और पार्किंग के लिए ड्रोप एंड गोे सिस्टम शुरू किया गया है।
भोपाल मंडल: एक नज़र में (खास बातें)
नई ट्रेनें: भोपाल-धनबाद (त्रिसाप्ताहिक) और भोपाल-चोपन (साप्ताहिक) ट्रेन की शुरुआत।
डिजिटल इंडिया: 80 स्टेशनों पर UPI सुविधा शुरू, मोबाइल ऐप से रिकॉर्ड 25.58 लाख टिकट बुक।
सख्ती: टिकट चेकिंग अभियान से 39.18 करोड़ का राजस्व वसूला गया।
आधुनिक रैक: महामना और आधारताल एक्सप्रेस अब आधुनिक एलएचबी कोच के साथ चलेंगी।
दिव्यांग सुविधा: 1414 दिव्यांग रेल रियायत कार्ड ऑनलाइन जारी किए गए।
स्पेशल ट्रेनें: यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए रिकॉर्ड 8923 विशेष ट्रेनें चलाई गईं।
इनका कहना है कि ..
हमारा लक्ष्य रेलवे को अधिक पारदर्शी और यात्री-केंद्रित बनाना है। डिजिटल पेमेंट और स्टेशन पुनर्विकास इसी दिशा में हमारे बढ़ते कदम हैं।
पंकज त्यागी, डीआरएम, भोपाल मंडल






