
जबलपुर, यशभारत। मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी के चयन में बीजेपी ने चौंकाने वाला फैसला लिया है। बीजेपी ने ओबीसी वर्ग की कविता पाटीदार को प्रत्याशी बनाया है। कविता पाटीदार बीजेपी की प्रदेश महामंत्री हैं। वह ओबीसी वर्ग से आती हैं। इंदौर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। कविता पाटीदार के नाम पर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने स्वीकृति दे दी है।
पटवा सरकार में मंत्री रहे दिवंगत नेता भेरूलाल पाटीदार की बेटी कविता पाटीदार को महिला होने के साथ-साथ ओबीसी वर्ग से होने का फायदा मिला है। उन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की समर्थक मानी जाती हैं।
इसके बाद भाजपा की दूसरी सीट पर सस्पेंस बढ़ गया है। कारण है कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा जाने की पीयूष गोयल की चर्चा थी। उन्हें महाराष्ट्र से उम्मीदवार बनाया गया है। ऐसे में प्रदेश से ही दूसरा नाम आएगा, इसकी संभावना भी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि भाजपा दूसरे चेहरे के लिए किसी आदिवासी कैंडिडेट को चुन सकती है।

बीजेपी ने मध्यप्रदेश के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और हरियाणा राज्य के उम्मीदवारों की सूची रविवार को जारी कर दी गई है।

मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर, सम्पतिया उइके और कांग्रेस के विवेक कृष्ण तन्खा का कार्यकाल 29 जून 2022 को खत्म हो रहा है। एमजे अकबर और विवेक तन्खा 11 जून 2016 को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। वहीं, सम्पतिया उइके का निर्वाचन 31 जुलाई, 2017 को हुआ था। वे केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के निधन से खाली हुई सीट पर निर्वाचित हुई थीं। इन तीन सीटों पर 15 जून से पहले चुनाव होने हैं। मप्र में राज्यसभा की 11 सीटें हैं, इनमें से आठ पर बीजेपी का कब्जा है। तीन सीट पर कांग्रेस काबिज है।
ये है सीटों का गणित
एमपी विधानसभा में सीटों की संख्या 230 है। इनमें कांग्रेस के 96 विधायक हैं। बीजेपी के 127 विधायक हैं। BSP के 2, सपा का 1 और निर्दलीय 4 विधायक हैं। राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग होगी। इनमें किसी भी दल को एक सीट को जीतने के लिए 58 वोट की जरूरत पड़ेगी। विधायकों की संख्या को देखते हुए बीजेपी के खाते में दो सीटें जाती दिख रही हैं। वहीं, कांग्रेस अगर निर्दलीय और दूसरे दलों की मदद भी लेती है तो एक सीट से ज्यादा नहीं जीत सकती है।
राज्यसभा के लिए कैसे होती है वोटिंग
एमपी में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए वोटिंग है। प्रदेश में विधायकों की संख्या 230 है। नियमानुसार जितने सीटों पर चुनाव होने हैं, उसमें एक जोड़ देते हैं। एक जोड़ने के बाद सीटों की संख्या चार हो जाएगी। चार से 230 को डिवाइड किया जाएगा। इसका नतीजा 57.5 आएगा। इसे राउंड फिगर में करने के लिए फिर से एक जोड़ा जाता है। इसके बाद बाद यह 58 होगा। यानी तीन सीट खाली हैं, तो एक सीट को जीतने के लिए पार्टी को 58 वोटों की जरूरत पड़ेगी।

कांग्रेस विवेक तन्खा को फिर भेजेगी राज्यसभा
इससे पहले, कांग्रेस के सीनियर लीडर और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एक बार फिर राज्यसभा जाएंगे। कांग्रेस की ओर से उन्हें दूसरी बार उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने विवेक तन्खा को राज्यसभा भेजकर ‘कश्मीरी पंडित’ कार्ड खेला है। सोमवार सुबह 11 बजे तन्खा पीसीसी दफ्तर पहुंचकर कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे। यहां से पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेताओं के साथ विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल करेंगे। शनिवार शाम तन्खा भोपाल पहुंचे हैं। आज उन्होंने कमलनाथ से मिलने के बाद पीसीसी में वकीलों के साथ बैठक कर नामांकन की तैयारी की है।







