धान पंजीयन का आंकड़ा बढ़ते ही प्रशासन सख्त: कलेक्टर ने दिए सभी 61 हजार प्रकरणों के कड़े सत्यापन के निर्देश

जबलपुर। जिले में इस वर्ष धान पंजीयन का आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 7 हजार बढ़कर लगभग 61 हजार तक पहुंच गया है। पंजीयन संख्या में हुए इस बड़े इजाफे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समय-सीमा समीक्षा बैठक में धान पंजीयन के कड़े सत्यापन और संदिग्ध मामलों की मौके पर जांच के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने साफ किया है कि पहली बार पंजीयन कराने वाले किसानों, 5 हेक्टेयर से अधिक रकबे वाले किसानों और सिगमी पंजीयन के मामलों का विशेष परीक्षण किया जाए। जहां सैटेलाइट डेटा और जमीनी हकीकत में अंतर मिले, वहां अधिकारी खुद मौके पर जाकर जांच करें। इसके साथ ही नए खसरों व संयुक्त खातों की भी बारकी से पड़ताल होगी।
बैठक में कलेक्टर ने नामांतरण के सभी मामले अनिवार्य रूप से आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर दर्ज करने, सीएम हेल्पलाइन की 100 दिन से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निपटारा करने तथा एम्बुलेंस की दरें व सुविधाएं तय करने के भी कड़े निर्देश दिए।







