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नर्मदा में बन रहा 50 फीट गहरा इंटेकवेल, आधे शहर में घर-घर पहुंचेगा नर्मदा जल

जबलपुर, यशभारत। उपनगरीय क्षेत्र रांझी के बड़े आवासीय क्षेत्र, केंटोनमेंट समेत शहर के बड़े इलाके में आगामी 50 साल की पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ललपुर में नर्मदा तट पर 50 फीट गहरा इंटेकवेल बनाया जा रहा है। नर्मदा के प्रवाह क्षेत्र से लगे गहराई वाले क्षेत्र में बन रहे इंटेकवेल से 54 एमएलडी पानी लिया जाएगा। ललपुर में एक इंटेकवेल पहले से है, जिससे 97 एमएलडी पानी लिया जाता है। नया इंटेकेवेल बनने के बाद यहां से 151 एमएलडी पानी लिया जाएगा, जो रांझी, केंट के बड़े इलाके की प्यास बुझाएगा।

राइजिंग लाइन बिछाने का काम शुरू
रांझी में 54 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र का निर्माण होना है। इसके लिए ललपुर से रांझी तक 475 किलोमीटर राइजिंग लाइन बिछाई जानी है। ललपुर की ओर से काम शुरू हो गया है। बंदरिया तिराहे तक कई हिस्सों में काम हो रहा है। इसके अलावा 18 पानी की टंकी भी बनाई जाएंगी। इनसे रांझी, मानेगांव, मोहनिया, खमरिया, जीसीएफ, कांचघर, सिद्धबाबा समेत कई अन्य इलाकों में नर्मदा जल पहुंचेगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों में परियट जलाशय से जलापूर्ति होती है।

जलापूर्ति व्यवस्था : अब ललपुर से होगी 151 एमएलडी पानी की आपूर्ति
312 करोड़ रुपए पेयजल योजना पर होंगे खर्च
18उच्चस्तरीय टंकियां भी बनेंगी
475किलोमीटर बिछाई जाएगी पाइप लाइन

फाउंडेशन का काम जारी
जल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ललपुर में जलशोधन संयंत्र और विभाग की वर्कशॉप से नर्मदा तट की गहराई 150 फीट से अधिक है। मानसून सीजन में यहां बाढ़ के हालात बन जाते हैं। बारिश के सीजन में इंटेकवेल का काम नहीं हो सकेगा। इसलिए बरसात से पहले फाउंडेशन का काम पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ललपुर में नए इंटेकवेल का निर्माण हो रहा है। बरसात शुरू होने से पहले फाउंडेशन तैयार करने का प्रयास है। मानसून सीजन शुरू होने पर बाढ़ के हालात में निर्माण कार्य संभव नहीं होगा। अमृत 2.0 योजना के तहत ललपुर से रांझी के बीच राइजिंग लाइन भी बिछाई जा रही है।
कमलेश श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री नगर निगम

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