शॉर्ट सर्किट की थ्योरी खारिज, अब केमिकल और साजिश के एंगल पर पुलिस की जांच तेज

भोपाल आईएसबीटी बस स्टैंड अग्निकांड: शॉर्ट सर्किट की थ्योरी खारिज, अब केमिकल और साजिश के एंगल पर पुलिस की जांच तेज
भोपाल,यशभारत। राजधानी के आईएसबीटी बस स्टैंड परिसर में वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसों में लगी भीषण आग के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। फॉरेंसिक साइंस लैब की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है। इसके बाद अब पुलिस ने इस सनसनीखेज हादसे के पीछे किसी केमिकल या केरोसिन जैसे ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल की आशंका जताते हुए साजिश के एंगल से अपनी जांच तेज कर दी है।
गौरतलब है कि 25 अक्टूबर की शाम आईएसबीटी परिसर में खड़ी वर्मा ट्रेवल्स की आठों बसें अचानक आग की चपेट में आ गई थीं। यह आग इतनी भयानक थी कि सभी बसें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं, जिससे ट्रेवल्स संचालक को करोड़ों रुपये के भारी नुकसान का अनुमान है।
घटनास्थल से एफएसएल टीम द्वारा सुरक्षित किए गए साक्ष्य और नमूने जांच के लिए सागर स्थित फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह कमजोर पड़ने के बाद अब मुख्य रूप से यह पड़ताल की जा रही है कि क्या किसी ने सोची-समझी साजिश के तहत ज्वलनशील पदार्थ डालकर बसों में आग लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोविंदपुरा थाना पुलिस ने आगजनी का केस दर्ज कर विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस की अब तक की तफ्तीश में एक और अहम तथ्य सामने आया है कि आग की चपेट में आई कुल आठ बसों में से तीन बसों का बीमा घटना से ठीक पहले ही समाप्त हो चुका था। यही वजह है कि पुलिस महकमा केवल आग लगने के तकनीकी कारणों तक सीमित न रहकर, इस घटना से जुड़े वित्तीय और अन्य सभी पहलुओं की भी बारीकी से पड़ताल कर रहा है। फिलहाल, एफएसएल की विस्तृत रिपोर्ट आने और पुलिस की संपूर्ण जांच पूरी होने के बाद ही इस बड़े अग्निकांड के असली रहस्यों से पर्दा उठ सकेगा।







