स्कूल-कॉलेज की कैंटीन पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, खाने में कीड़े और मरी छिपकली मिलने के बाद हरकत में आया विभाग, जांच के लिए गठित की गईं दो टीमें

स्कूल-कॉलेज की कैंटीन पर खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा
खाने में कीड़े और मरी छिपकली मिलने के बाद हरकत में आया विभाग, जांच के लिए गठित की गईं दो टीमें
भोपाल,यश भारत। स्कूल-कॉलेज और छात्रावासों की कैंटीन में बच्चों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर सामने आई गंभीर शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। खाने में कीड़े और मरी हुई छिपकली मिलने की घटनाओं के बाद विभाग ने जांच के लिए दो टीमें गठित की हैं। ये टीमें शहर के स्कूलों कॉलेजों और हॉस्टलों की कैंटीन में पहुंचकर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से लेकर साफ सफाई और जरूरी दस्तावेजों की जांच करेंगी। हाल ही में आजा कन्या कॉलेज हॉस्टल (पंचशील नगर) में छात्राओं के खाने में कीड़े मिलने का मामला सामने आया था। वहीं, मुगलिया छाप स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में आलू की सब्जी खाने के बाद 13 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इन घटनाओं ने छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैंटीन से लेकर स्टोर रूम तक होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें कैंटीन और मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच करेंगी। इसके साथ ही संचालकों के फूड सेफ्टी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस की वैधता भी देखी जाएगी। खाद्य सामग्री की एक्सपायरी डेट खरीदी के बिल और सप्लाई के स्रोत की पड़ताल की जाएगी। जांच के दौरान किचन स्टोर रूम बर्तन और खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। आटा, दाल, चावल और सब्जियों के साथ दूध, दही, पनीर, तेल, घी और मसालों की गुणवत्ता भी परखी जाएगी।
बच्चों की सेहत से समझौता नहीं
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद विभाग का फोकस स्कूल-कॉलेज और छात्रावासों में सुरक्षित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है। जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग की इस मुहिम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।







