सिवनी को मिली लगातार चौथी महिला कलेक्टर : दो साल में बार-बार प्रशासनिक बदलाव से स्थायित्व पर उठे सवाल

सिवनी यश भारत:-मध्यप्रदेश शासन के प्रशासनिक फेरबदल में 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंजू अरुण कुमार को सिवनी का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उपसचिव के पद पर पदस्थ अंजू अरुण कुमार के कार्यभार संभालने के साथ ही सिवनी को लगातार चौथी महिला कलेक्टर मिलेगी। वहीं, निवर्तमान कलेक्टर नेहा मीना का तबादला देवास जिले में किया गया है।
सात माह में नेहा मीना का तबादला
नेहा मीना ने 13 अप्रैल 2026 को सिवनी कलेक्टर का पदभार संभाला था। लगभग सात माह के कार्यकाल के बाद उनका स्थानांतरण होने से जिले में प्रशासनिक बदलाव चर्चा का विषय बन गया है। उनके कार्यकाल में पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई, पटवारियों की कार्यप्रणाली में सख्ती, आंगनवाड़ी केंद्रों, छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों के निरीक्षण जैसे कदम सामने आए। इन गतिविधियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागीय जवाबदेही और मैदानी स्तर पर निगरानी पर जोर दिया गया। ऐसे में उनका तबादला प्रशासनिक हलकों और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
महिला कलेक्टरों की पदस्थापना का क्रम जारी
सिवनी में पिछले कुछ समय से महिला आईएएस अधिकारियों के कलेक्टर बनने का क्रम जारी है। क्षितिज सिंघल के बाद संस्कृति जैन, फिर शीतला पटले और उनके बाद नेहा मीना ने जिले की प्रशासनिक कमान संभाली। अब अंजू अरुण कुमार की नियुक्ति के साथ यह क्रम आगे बढ़ेगा।
प्रशासनिक स्थायित्व पर फिर चर्चा
पिछले दो वर्षों में कलेक्टरों के लगातार बदलने से जिले में प्रशासनिक स्थायित्व और विकास योजनाओं की निरंतरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर जिले में राजस्व, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कम अवधि में नेतृत्व बदलने से नई प्राथमिकताओं के निर्धारण और लंबित कार्यों की समीक्षा की प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ सकती है।
नई कलेक्टर के सामने होंगी कई चुनौतियां
अंजू अरुण कुमार के सामने विकास योजनाओं को गति देने, ग्रामीण समस्याओं के निराकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, राजस्व प्रकरणों के निपटारे और शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने की चुनौती होगी। अब जिलेवासियों की निगाहें उनकी कार्यशैली, प्राथमिकताओं और लंबित मामलों के निराकरण पर रहेंगी। उम्मीद है कि नई प्रशासनिक कमान के साथ विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता मिलेगी।







