फाइलों से बाहर निकलेगा विकास: नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों में 14 दिन तक चलेगा विकास अभियान

बालाघाट। बिरसा क्षेत्र के 100 गांवों में विकास कार्यों को गति देने और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगामी 14 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर आदित्य सिंह ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में अधिकारियों को गांवों का दौरा कर विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने और लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
अभियान के तहत कलेक्टर आदित्य सिंह, जिला पंचायत सीईओ तनुश्री मीना, अपर कलेक्टर और बैहर एसडीएम अलग-अलग गांवों का भ्रमण करेंगे। प्रत्येक अधिकारी 25-25 गांवों में पहुंचकर विकास कार्यों की प्रगति और ग्रामीणों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा करेगा। कलेक्टर स्वयं दूरस्थ गांवों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।
पेयजल, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में पेयजल व्यवस्था, स्कूलों एवं आंगनवाड़ियों में आवश्यक सुविधाओं और विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा सोलर लाइट लगाने और मंच निर्माण जैसे विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को विभागीय समन्वय के साथ लंबित कार्य समयसीमा में पूरे करने के निर्देश दिए गए।
विकास कार्यों की अद्यतन जानकारी रखनी होगी
कलेक्टर ने सभी विभागों को स्वीकृत, प्रगतिरत और लंबित कार्यों की जानकारी तैयार रखने को कहा। इसमें बजट आवंटन, तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति और टेंडर की स्थिति का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिव और पटवारी को अपने गांव में संचालित एवं पूर्ण हो चुके कार्यों की जानकारी होनी चाहिए। ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र की विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत रहना होगा।
कुल्पा में कृषि अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी
शुक्रवार को कुल्पा गांव के भ्रमण के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी के उपस्थित नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने उप संचालक कृषि फूलसिंह मालवीय को विभागीय अधिकारियों का नियमित मैदानी भ्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को शासकीय योजनाओं की जानकारी और कृषि संबंधी मार्गदर्शन समय पर मिल सके।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि 14 दिवसीय अभियान के दौरान मैदानी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को गांवों की समस्याओं की पहचान कर उनका निराकरण करने और विकास कार्यों को समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ तनुश्री मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि कुछ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।







