मनमोहन नगर अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर में 20 लाख की चोरी, एसपी से शिकायत के बाद हरकत में आया पुलिस महकमा, देखे वीडियो —-

जबलपुर, यश भारत। शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र स्थित मनमोहन नगर शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चोरों ने दिनदहाड़े बड़ी वारदात को अंजाम देकर पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। अस्पताल के स्टाफ क्वार्टर क्रमांक-2 का ताला तोड़कर अज्ञात चोर सोने-चांदी के जेवर और नकदी समेत 20 लाख रुपये से अधिक का माल समेट ले गए। वारदात की शिकार अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स निधि नामदेव हुईं, जो घटना के समय अपनी बहन और जीजाजी को बस स्टैंड छोड़ने गई थीं।
सूने क्वार्टर को बनाया निशाना, लाखों का माल पार
निधि नामदेव जब वापस लौटीं तो क्वार्टर का ताला टूटा मिला और अंदर रखा कीमती सामान गायब था। अलमारी में रखे जेवर और नकदी चोरी होने से उनके होश उड़ गए। अस्पताल परिसर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। सवाल यह है कि जब शासकीय स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कर्मचारियों के आवास ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
थाने पहुंची पीड़िता, टीआई की गैरमौजूदगी का दिया हवाला
चोरी की शिकायत लेकर गोहलपुर थाने पहुंची पीड़िता को कथित तौर पर थाना प्रभारी के मौजूद नहीं होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया गया। आरोप है कि उनकी शिकायत पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय उन्हें इंतजार करने को कहा गया। लाखों की चोरी से परेशान पीड़िता को न्याय के लिए थाने से लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम ने पुलिस की शिकायत सुनने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसपी तक पहुंची शिकायत तो तेज हुई हलचल
जब अस्पताल के निरीक्षण के दौरान निधि नामदेव ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई, तब मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया। इसके बाद पुलिस महकमे में हलचल बढ़ी और चोरी की जांच तेज करने की बात सामने आई। सवाल उठ रहा है कि क्या बड़ी वारदात की शिकायत पर कार्रवाई के लिए पीड़ित को सीधे एसपी तक पहुंचना जरूरी है?
संदिग्धों की मौजूदगी की चर्चा, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
बताया गया कि घटना के समय अस्पताल परिसर में मौजूद रोगी कल्याण समिति के सदस्य मनीष विश्वकर्मा, भाजपा नेता अखिलेश दीक्षित और वार्ड बॉय ऋषभ पटेल ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को क्वार्टर की ओर जाते देखा था। उन्होंने उनसे पूछताछ भी की थी। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों तक कब पहुंचती है और 20 लाख रुपये से अधिक के कथित चोरी गए माल की बरामदगी कब तक हो पाती है।







