अब पटाखों का कचरा नहीं बिगाड़ेगा जमीन और पानी की सेहत

अब पटाखों का कचरा नहीं बिगाड़ेगा जमीन और पानी की सेहत
– भोपाल के 85 वार्डों से अलग जुटेंगे अवशेष, पीथमपुर में होगा वैज्ञानिक तरीके से निपटान
भोपाल, यश भारत । दीपावली के बाद सडक़ों और गलियों में बिखरने वाले पटाखों के अवशेष अब पर्यावरण के लिए मुसीबत नहीं बनेंगे। पटाखों से निकलने वाले रासायनिक कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए नई व्यवस्था बनाई गई है। इसके तहत भोपाल के सभी 85 वार्डों में इस कचरे को सामान्य घरेलू कचरे से अलग एकत्रित किया जाएगा और विशेष कंटेनरों के जरिए पीथमपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र भेजकर उसका वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जाएगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सेंट्रल जोन बेंच ने पटाखों के रासायनिक अवशेषों को सामान्य कचरे में मिलाकर नष्ट करने पर रोक लगाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य पटाखों में मौजूद हानिकारक रसायनों से मिट्टी और भूजल को होने वाले नुकसान को रोकना है।
लाल थैलों में अलग रखे जाएंगे पटाखों के अवशेष
– नई व्यवस्था के अनुसार, नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों में पटाखों के अवशेषों के लिए अलग कंपार्टमेंट या लाल थैलों की व्यवस्था की जाएगी।
– घरों से कचरा जुटाने के बाद ट्रांसफर स्टेशनों पर पटाखों के अवशेषों को सामान्य कचरे से अलग किया जाएगा। – इसके बाद अनुबंधित एजेंसी इन्हें ढके हुए विशेष कंटेनरों में पीथमपुर पहुंचाएगी, जहां निर्धारित सुरक्षित प्रक्रिया के तहत इनका निपटान होगा।
खुले में फेंकने से बढ़ता है प्रदूषण का खतरा
पटाखों के अधजले अवशेषों में मौजूद रासायनिक तत्व खुले में पड़े रहने या सामान्य कचरे में मिलने पर जमीन और भूजल को दूषित कर सकते हैं। कचरे में मौजूद ज्वलनशील अवशेष आग लगने का खतरा भी बढ़ाते हैं। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने दीपावली के दौरान बढऩे वाले प्रदूषण के संबंध में अधिकारियों से जवाब मांगा था।
एक हजार किलो से अधिक कचरा निकलने का अनुमान
दीपावली के दौरान भोपाल में एक हजार किलोग्राम से अधिक पटाखों का कचरा निकलने का अनुमान है। इसके सुरक्षित प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम की स्वच्छता टीमें नागरिकों को भी जागरूक करेंगी, ताकि पटाखों के अवशेषों को दूसरे कचरे से अलग रखा जा सके। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पानी के छिडक़ाव जैसे उपाय भी किए जाएंगे।
प्रयास किए जा रहे हैँ
दीपावली के दौरान होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत पटाखों से निकलने वाले कचरे को एकत्र कर पीथमपुर भेजा जाने की योजना है। राजधानी के सभी वार्डों पर फोकस रहेगा।
– संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मप्र







