एम्स से बंसल हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर: एक साथ दो ऑर्गन ट्रांसप्लांट की बड़ी सफलता

एम्स से बंसल हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर: एक साथ दो ऑर्गन ट्रांसप्लांट की बड़ी सफलता
भोपाल,यशभारत। जिला नर्मदापुरम की तहसील बनखेड़ी निवासी 31 वर्षीय विलाश तांती शर्मा ने मृत्यु के बाद भी मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। एम्स भोपाल में ब्रेन डेड घोषित होने के पश्चात उनके परिजनों ने एक बड़ा और संवेदनशील निर्णय लेते हुए उनकी दोनों किडनियां और लिवर दान करने का स्वेच्छा से फैसला लिया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सका है।
विलाश तांती शर्मा की एक किडनी और लिवर को बंसल हॉस्पिटल, भोपाल में भर्ती दो जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया। इसके लिए रविवार शाम 7:40 बजे एम्स भोपाल से बंसल हॉस्पिटल तक विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस व्यवस्था के जरिए एंबुलेंस को बिना किसी ट्रैफिक रुकावट के तय रूट पर निकाला गया, जिससे मात्र 15 मिनट में अंगों को सुरक्षित बंसल हॉस्पिटल पहुंचाकर समयसीमा का पालन किया गया। वहीं, दूसरी किडनी को एम्स के अन्य मरीजों के ट्रांसप्लांट के लिए उपयोग में लाया गया।
मृतक के पति अखिलेश शर्मा एवं उनके परिवार को उनकी स्थिति तथा ब्रेन-स्टेम डेथ के संबंध में उचित चिकित्सीय परामर्श दिया गया था, जिसके बाद परिवार ने आगे आकर अंगदान की सहमति दी। एम्स भोपाल और बंसल हॉस्पिटल की चिकित्सा टीमों ने त्वरित, समन्वित और शानदार कार्य करते हुए चिकित्सा जगत में इस सफलता की इबारत लिखी है। विलाश तांती शर्मा जी का यह प्रेरणादायक कदम समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों को जीवनदान देने की दिशा में एक बड़ा संदेश बन गया है।







