स्वामित्व योजना : पटवारी की जगह मप्र शासन होगा निष्पादक, रात 10 बजे हुई रजिस्ट्री, निलंबित पटवारी काम पर लौटेंगे

भोपाल, यशभारत। स्वामित्व योजना को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही पटवारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ बीती रात हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद पटवारी संघ ने कल सोमवार 12 अक्टूबर से काम पर लौटने और ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री के काम में सहयोग करने का फैसला किया है। सरकार ने पटवारियों की मांगों पर विचार करते हुए आदेश में आवश्यक संशोधन करने का आश्वासन दिया है। हड़ताल समाप्त होने के बाद 10 अक्टूबर को रात 10 बजकर 11 मिनट पर टीकमगढ़ जिले में भी रजिस्ट्री भी हुई। हड़ताल के दौरान पटवारियों पर की गई निलंबन, बर्खास्तगी और थमाए गए नोटिस की कार्रवाई को भी वापस लिया जाएगा। बताया जाता है कि स्वामित्व योजना में पटवारियों को निष्पादक बनाए जाने के विरोध में मप्र पटवारी संघ के बैनर तले प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में विरोध किया जा रहा था। जिसके चलते प्रदेश सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना पर काम शुरू नहीं हो पा रहा था। पटवारी अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। उनका कहना था कि निष्पादक बनाए जाने की वजह से आने वाले समय विवाद की स्थिति में पटवारियों को ही दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश स्तर पर पटवारी संघ और सरकार के बीच बातचीत का सिलसिला भी शुरू हो गया था लेकिन पटवारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जिसके चलते कई जिलों में पटवारियों पर कार्रवाई भी शुरू की गई। निलंबन के साथ ही बर्खास्तगी के भी आदेश जारी किए गए। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो सरकार ने स्वामित्व योजना में निष्पादक की जगह मप्र शासन लिखे जाने पर सहमति व्यक्त की। जिसके बाद पटवारियों ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान कर दिया।
स्वामित्व योजना में होना है 50 लाख रजिस्ट्री
ग्रामीण परिवारों को संपत्ति अधिकार संबंधी अभिलेख उपलब्ध कराने प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना लागू की है। इस योजना में लगाए गए पटवारियों को रजिस्ट्री के लिए निष्पादक बनाया गया था, जिसका विरोध पूरे प्रदेश में हो रहा था। मप्र पटवारी संघ के आव्हान पर सभी पटवारी 7 से 9 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश पर थे। svamitva_deed_1791652011529






