एक सदी बाद चीतों की दहाड़: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में रिहा किए दो चीते…देखें पूरा वीडियो

सागर, यशभारत ।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हेलीकॉप्टर द्वारा सागर के मोहली पहुंचे, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कूनो नेशनल पार्क से लाए गए दो चीतों—नर चीता ‘थैलो’ और मादा चीता ‘CCB3’—को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जंगल में रिहा किया। सागर की धरती पर लगभग एक सदी (100 साल) बाद चीतों की वापसी से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

चीतों के बेहतर स्वास्थ्य, अनुकूलन और सुरक्षा निगरानी को ध्यान में रखते हुए मोहली रेंज में लगभग 339 एकड़ क्षेत्र में विशेष बाड़ा (Software Enclosure) तैयार किया गया है। वन्यजीव विशेषज्ञों और वेटरनरी डॉक्टरों की टीम चीतों की 24 घंटे निगरानी करेगी।

गिद्धों की संख्या में 123% की रिकॉर्ड वृद्धि
कार्यक्रम के दौरान राज्य में वन्यजीव संरक्षण की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश में गिद्धों की संख्या में 123% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि राज्य सरकार और वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे प्रभावी संरक्षण प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
बुंदेली पुस्तक का विमोचन
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेली बोली में रचित पुस्तक “वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व” का विमोचन भी किया। यह पुस्तक बुंदेलखंड की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
टाइगर रिजर्व में चीतों की पुनर्स्थापना से बुंदेलखंड क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर होटल, होम-स्टे, गाइड, और परिवहन व्यवसायों में बढ़ोतरी होगी, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे।







