कारंजा में आज मोहन भागवत करेंगे स्मृति भवन और देवरस नेत्रालय का लोकार्पण, 1500 जवानों की सुरक्षा में होगा कार्यक्रम

बालाघाट/लांजी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मंगलवार, 6 अक्टूबर को बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम कारंजा पहुंचेंगे। यहां वे बालासाहेब एवं भाऊराव देवरस सेवान्यास के तत्वावधान में निर्मित स्मृति भवन तथा माधव नेत्रालय द्वारा संचालित बालासाहेब देवरस नेत्रालय का लोकार्पण करेंगे। दोनों सेवा प्रकल्पों का मुख्य लोकार्पण समारोह दोपहर 2:30 बजे आयोजित किया जाएगा।
डॉ. मोहन भागवत के कारंजा प्रवास को लेकर आयोजन स्थल पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों और स्वयंसेवकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए करीब 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन स्थल पर वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किया गया है।
कारंजा में निर्मित स्मृति भवन संघ के तृतीय सरसंघचालक बालासाहेब देवरस और वरिष्ठ प्रचारक भाऊराव देवरस के जीवन, विचार, सेवा कार्यों और संघ के प्रति योगदान से जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
सेवा न्यास से जुड़ी जानकारी के अनुसार स्मृति भवन में देवरस बंधुओं के कार्यों और उनके सामाजिक योगदान से संबंधित सामग्री को संजोने का प्रयास किया गया है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को उनके जीवन और समाजसेवा से जुड़े कार्यों से परिचित कराना है।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण होगा नेत्रालय
कार्यक्रम में दूसरा प्रमुख प्रकल्प बालासाहेब देवरस नेत्रालय है। इसका संचालन माधव नेत्रालय द्वारा किया जाएगा। नेत्रालय के माध्यम से लांजी, किरनापुर, आमगांव सहित आसपास के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नेत्र जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है।
इस सेवा प्रकल्प से मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के साथ महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र संबंधी उपचार की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों को आंखों की जांच और इलाज के लिए दूर के बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
कारंजा में देवरस बंधुओं से जुड़े सेवा कार्यों के तहत पहले से विभिन्न सामाजिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी दी गई है। इनमें स्कूल, आवासीय विद्यालय, गौशाला और सिलाई प्रशिक्षण केंद्र जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
अब नेत्रालय के माध्यम से इन सेवा गतिविधियों में स्वास्थ्य सेवा का एक और महत्वपूर्ण आयाम जुड़ रहा है। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों तक आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
गौपूजन और मंदिर दर्शन के बाद मुख्य कार्यक्रम
डॉ. मोहन भागवत के कारंजा प्रवास के दौरान धार्मिक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार उनके आगमन के बाद सुरभि गौशाला में गौपूजन किया जाएगा। इसके बाद दत्तात्रेय मंदिर में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम रहेगा।
इसके पश्चात वे स्मृति भवन और बालासाहेब देवरस नेत्रालय पहुंचेंगे, जहां दोनों प्रकल्पों का लोकार्पण किया जाएगा। डॉ. भागवत का कारंजा में करीब चार घंटे का प्रवास प्रस्तावित है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना
लोकार्पण समारोह को लेकर कारंजा में व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल पर लगभग 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम से पहले संघ पदाधिकारियों और आयोजन से जुड़े लोगों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
मुख्य कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए प्रवेश, बैठने, मंच और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारी की गई है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा का विशेष इंतजाम
लांजी क्षेत्र की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए डॉ. मोहन भागवत के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 1500 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में सीआरपीएफ, हॉक फोर्स, जिला पुलिस बल और सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। बालाघाट पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट भी जिले को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र बताते हुए जिला पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विशेष इकाइयों की तैनाती की जानकारी देती है।
बालाघाट पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा हैं।
मध्यप्रदेश प्रवास के अंतिम चरण में बालाघाट पहुंच रहे भागवत
डॉ. मोहन भागवत 2 से 6 अक्टूबर तक मध्यप्रदेश के प्रवास पर हैं। प्रवास के दौरान 3 से 5 अक्टूबर तक इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक आयोजित हुई। इसके बाद 6 अक्टूबर को उनका बालाघाट के लांजी क्षेत्र स्थित कारंजा पहुंचने का कार्यक्रम है।
स्मृति और सेवा, दोनों पर रहेगा फोकस
कारंजा में होने वाला यह कार्यक्रम दो अलग-अलग उद्देश्यों को एक साथ जोड़ता है। स्मृति भवन के माध्यम से बालासाहेब और भाऊराव देवरस से जुड़े जीवन एवं सेवा कार्यों की स्मृतियों को संरक्षित करने का प्रयास है, जबकि बालासाहेब देवरस नेत्रालय के माध्यम से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।
डॉ. मोहन भागवत द्वारा दोनों प्रकल्पों का लोकार्पण किए जाने के साथ ही कारंजा में संचालित सेवा गतिविधियों के विस्तार का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है।







