61 हजार हेक्टेयर में फैलेगा नया भोपाल, 3000 हेक्टेयर में 51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर

61 हजार हेक्टेयर में फैलेगा नया भोपाल, 3000 हेक्टेयर में 51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर
- मास्टर प्लान-2047 जारी, आवासीय इलाकों में सीलिंग जारी रहेगी
भोपाल, यश भारत । राजधानी के अगले दो दशक के विकास का खाका सामने आ गया है। राज्य सरकार ने शनिवार को भोपाल मास्टर प्लान-2047 का प्रारूप जारी कर दिया। हालांकि नए प्लान में भूमि उपयोग बदलने का प्रस्ताव आने से आवासीय क्षेत्रों में चल रही दुकानों को तत्काल राहत नहीं मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट के 22 सितंबर के आदेश के मुताबिक प्लान को अंतिम रूप देने के लिए अदालत की अनुमति जरूरी होगी। तब तक मौजूदा नियमों के आधार पर सीलिंग की कार्रवाई जारी रह सकती है।
2005 के मुकाबले दोगुने से ज्यादा हुआ नियोजित क्षेत्र
नए प्लान में भोपाल का नियोजित क्षेत्र 25,351 हेक्टेयर से बढ़कर 61,017.02 हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है। आवासीय क्षेत्र 11850 से बढ़कर 26755.50 हेक्टेयर होगा, हालांकि कुल हिस्सेदारी 46.74 से घटकर 43.85 प्रतिशत रहेगी। मिश्रित उपयोग का क्षेत्र 2448.84 हेक्टेयर, औद्योगिक 1348.97 और वाणिज्यिक क्षेत्र 2137.25 हेक्टेयर प्रस्तावित है।
लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग के लिए 771.44 हेक्टेयर, सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक उपयोग के लिए 4,887.97 हेक्टेयर और परिवहन के लिए 5793.82 हेक्टेयर रखा गया है। सबसे बड़ा बदलाव हरित क्षेत्र में है, जो 2005 के 3827 हेक्टेयर से बढ़कर 16489.94 हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है।
51 किमी का ग्रोथ कॉरिडोर बनेगा
मास्टर प्लान में करीब 3000 हेक्टेयर में 51 किमी लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। इसमें एयरपोर्ट, ईकेएआई सिटी, प्रस्तावित सीएमयू, लॉजिस्टिक और थोक व्यापार क्षेत्र तथा नए उपनगरों को जोड़ा जाएगा। होटल, अस्पताल, आईटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा सेंटर, मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉरपोरेट कार्यालय, शिक्षा केंद्र और आवासीय विकास भी प्रस्तावित है।
आवासीय क्षेत्र में कारोबार मिला तो सीलिंग
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार जिन क्षेत्रों का भूमि उपयोग स्पष्ट रूप से आवासीय है, वहां व्यावसायिक गतिविधि मिलने पर परिसर सील किया जा सकता है। नए मास्टर प्लान का प्रारूप जारी होने से इस कार्रवाई पर तत्काल रोक नहीं लगेगी। भूमि या भवन का विवाद अदालत में लंबित होना भी सीलिंग रोकने का स्वत: आधार नहीं होगा।
सुनवाई में भोपाल में कुछ परिसरों को सील करने के बाद जल्द खोलने का मामला भी सामने आया। कोर्ट ने अधिकारियों को बिना भेदभाव कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब नागरिकों से मास्टर प्लान पर दावे-आपत्तियां ली जाएंगी, लेकिन अंतिम मंजूरी सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद ही होगी।







