मप्र में 48 हजार शिक्षकों की नई भर्ती की उम्मीद, लेकिन युवाओं को करना होगा लंबा इंतजार

मप्र में 48 हजार शिक्षकों की नई भर्ती की उम्मीद, लेकिन युवाओं को करना होगा लंबा इंतजार
भोपाल, यशभारत। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों बेरोजगार युवाओं को नई भर्ती के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग में भले ही करीब 48 हजार पदों पर नए शिक्षकों की भर्ती की पृष्ठभूमि तैयार हो रही है, लेकिन विभागीय प्रक्रिया और कानूनी जटिलताओं के चलते नई भर्ती का विज्ञापन मार्च 2028 के बाद ही जारी होने के आसार हैं। ऐसे में 2026 में नई भर्ती की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं को तगड़ा झटका लगा है।
पदोन्नति से तय होगी भर्ती की राह
विभाग में बड़े पैमाने पर नए पद तभी खाली होंगे, जब वर्तमान में पदस्थ शिक्षकों का प्रमोशन होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को पदोन्नति का मुख्य आधार बनाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत दिसंबर में पहली बार माध्यमिक शिक्षा मंडल के माध्यम से TET आयोजित कराई जा रही है। परीक्षा के नतीजे आने के बाद ही 30 हजार से अधिक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
18 हजार पद सेवानिवृत्ति और पहले से खाली
विभाग के पास वर्तमान में लगभग 10 हजार शिक्षकों के पद सीधे तौर पर खाली पड़े हैं। इसके अलावा मार्च 2027 तक करीब 8 हजार शिक्षक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यदि प्रमोशन के 30 हजार पदों को भी इसमें जोड़ दिया जाए, तो कुल खाली पदों का आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच जाता है। हालांकि, विभाग अभी वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के हिसाब से रिक्तियों का पृथक वर्गीकरण तैयार कर रहा है।
टीईटी अनिवार्यता पर भड़का विरोध
दूसरी तरफ, शिक्षक संगठन पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता का कड़ा विरोध कर रहे हैं। मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा और अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने बिना टीईटी के ही विभागीय पदोन्नति देने की मांग उठाई है। इस मांग को लेकर शिक्षक संगठनों ने 27 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन का भी ऐलान कर दिया है, जिससे विभाग की पदोन्नति नीति और नई भर्ती की समय-सीमा पर असर पड़ सकता है।







