पॉलीहाउस सब्सिडी 50 से घटाकर 35% करने का विरोध, पुरानी परियोजनाओं पर पुराने नियम लागू करने की मांग ग्रीनहाउस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने एनएचबी को सौंपा ज्ञापन,

पॉलीहाउस सब्सिडी 50 से घटाकर 35% करने का विरोध, पुरानी परियोजनाओं पर पुराने नियम लागू करने की मांग
ग्रीनहाउस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने एनएचबी को सौंपा ज्ञापन
भोपाल, यश भारत। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड द्वारा संरक्षित खेती के लिए दी जाने वाली सहायता में बदलाव और नए आवेदनों पर रोक के विरोध में ग्रीनहाउस मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने 21 अगस्त और 3 सितंबर 2026 को जारी किए गए परिपत्रों को वापस लेने तथा पहले से स्वीकृत और बैंक से वित्त पोषित परियोजनाओं को पुराने दिशा निर्देशों के अनुसार पूरा करने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि 21 अगस्त 2026 के परिपत्र से संरक्षित खेती की सहायता 50 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत कर दी गई। संगठन के अनुसार इसका प्रभाव उन परियोजनाओं पर भी पड़ा है, जिन्हें पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी और जिनके लिए बैंकों से वित्त की व्यवस्था की जा चुकी थी। एसोसिएशन ने कहा कि ऋण आधारित व्यवस्था में किसान परियोजना की पूरी लागत बैंक से ऋण लेकर वहन करता है और सहायता परियोजना पूरी होने के बाद मिलती है। ऐसे में स्वीकृति के बाद नियमों में बदलाव का आर्थिक भार किसानों पर पड़ रहा है।
जून से पॉलीहाउस परियोजनाओं के लिए क्लियरेंस जारी नहीं होने का दावा
ज्ञापन में एसोसिएशन ने दावा किया कि जून 2026 से पॉलीहाउस परियोजनाओं के लिए एक भी ग्रांट ऑफ क्लियरेंस जारी नहीं हुई है। 3 सितंबर के परिपत्र के बाद नए आवेदन स्थगित कर पोर्टल बंद कर दिया गया है। साथ ही कुछ फाइलों को सीओजी इशू से सीओजी क्वारी में किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। एसोसिएशन ने क्लियरेंस जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने और जून से अब तक क्लियरेंस जारी नहीं होने का कारण लिखित रूप में बताने की मांग की है।

50% सहायता बहाल करने समेत सात मांगें
एसोसिएशन ने मांग की है कि 21 अगस्त 2026 या उससे पहले की ग्रांट ऑफ क्लियरेंस लंबित आवेदन और बैंक स्वीकृतियों को पुराने नियमों के अनुसार 50 प्रतिशत सहायता पर पूरा किया जाए। परिवार की पात्रता के नियमों को पिछली तारीख से लागू नहीं करने, परिवार पर आजीवन रोक समाप्त करने और किसान समूहों को फिर से पात्रता देने की मांग भी की गई है। इसके अलावा संरक्षित खेती के लिए 50 प्रतिशत सहायता बहाल करने अथवा वर्तमान बाजार दर के अनुसार लागत मानदंड संशोधित कर उन्हें हर साल सूचकांकित करने की मांग की गई है। पॉलीहाउस और संरक्षित खेती की सामग्री पर जीएसटी 18 से घटाकर 5 प्रतिशत करने का विषय केंद्र सरकार और जीएसटी परिषद के समक्ष रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
सात दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने कहा है कि यदि ज्ञापन सौंपे जाने के सात दिन के भीतर 21 अगस्त का परिपत्र वापस नहीं लिया गया और मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो दस राज्यों के पॉलीहाउस किसान और संरक्षित खेती उद्योग से जुड़े लोग गुरुग्राम स्थित राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड मुख्यालय और नई दिल्ली में एकत्र होकर आंदोलन करेंगे। संगठन ने ज्ञापन की प्रति राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के प्रबंध निदेशक तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजने और सात दिन में लिखित जवाब देने की मांग की है।







