20 साल बाद नए मॉडल में लौटेगी सार्वजनिक बस सेवा

20 साल बाद नए मॉडल में लौटेगी सार्वजनिक बस सेवा
– शहर के साथ अंतरनगरीय और अंतरराज्यीय रूट भी होंगे शामिल
भोपाल, यश भारत। भोपाल सहित प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत होगी। करीब दो दशक पहले बंद हुई राज्य परिवहन व्यवस्था को आधुनिक मॉडल के साथ फिर से खड़ा करने की योजना है। सरकार ने आने वाले समय में प्रदेश में करीब 15 हजार बसों के संचालन की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। नई व्यवस्था में भोपाल समेत प्रदेश के अन्य शहरों के साथ अंतरनगरीय और अंतरराज्यीय मार्गों को भी जोड़ा जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई परिवहन व्यवस्था की घोषणा की है । मुख्यमंत्री के मुताबिक यात्रियों को सुरक्षित, समयबद्ध और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसके लिए निजी बस संचालकों की भागीदारी भी की जाएगी।
भोपाल के रूटों पर बढ़ेगा नेटवर्क
परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी 55 जिलों में रूट सर्वे पूरा कर लिया है। इसके आधार पर करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित करने की योजना तैयार की गई है। भोपाल में नई व्यवस्था के तहत शहर के प्रमुख क्षेत्रों को बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ने के साथ बस स्टॉप और अन्य परिवहन सुविधाओं को व्यवस्थित करने पर जोर रहेगा।
बसों के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीपीएस, सीसीटीवी, पैनिक बटन और वास्तविक समय निगरानी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल प्रस्तावित है। संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर किया जाएगा। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए बसों की निगरानी, रूट और संचालन व्यवस्था को तकनीकी आधार दिया जाएगा।
भोपाल में बस से मेट्रो तक आसान होगा सफर
भोपाल में बस स्टॉप और बस स्टैंड के साथ मेट्रो स्टेशन तक यात्रियों की पहुंच आसान बनाने के लिए फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर भी काम किया जा रहा है। इंदौर में हुए समिट के दौरान एमपीवाईपीआईएल और रैपिडो के बीच इस संबंध में समझौता हुआ है। शुरुआती चरण में भोपाल और इंदौर में इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत बस स्टैंड, बस स्टॉप और मेट्रो स्टेशन जैसी परिवहन सुविधाओं की जानकारी तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाएगी। महिलाओं के लिए रैपिडो पिंक बाइक टैक्सी सेवा को भी प्रोत्साहित करने की योजना है।
ई-बसों पर रहेगा जोर
नई व्यवस्था में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इंदौर में आयोजित समिट में पीथमपुर में इलेक्ट्रिक बस निर्माण संयंत्र स्थापित करने की जानकारी दी गई। प्रस्तावित संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच हजार ई-बस बताई गई है। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
परिवहन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा
समिट में एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 की शुरुआत भी की गई। इसके जरिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा आधारित परिवहन, लास्ट माइल कनेक्टिविटी, हरित परिवहन और परिवहन ढांचे से जुड़ी समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाशे जाएंगे। इसमें स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, शोधकर्ता और शिक्षण संस्थान भाग ले सकेंगे।







