मुरैना हादसे ने बेनकाब किया अंतरराज्यीय गैंग: फिरोजाबाद से ₹41 लाख की चपत लगाकर भाग रहे भोपाल के 4 शातिर बदमाश गिरफ्तार

मुरैना हादसे ने बेनकाब किया अंतरराज्यीय गैंग: फिरोजाबाद से ₹41 लाख की चपत लगाकर भाग रहे भोपाल के 4 शातिर बदमाश गिरफ्तार
भोपाल, यशभारत। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पशु व्यापारियों को शिकार बनाकर ₹41 लाख नगदी लेकर रफूचक्कर हुए भोपाल के शातिर गिरोह का अंत महज 118 किलोमीटर की दूरी पर एक सड़क हादसे के साथ हो गया। 14 सितंबर की देर रात अंजाम दी गई इस वारदात के महज दो घंटे बाद आरोपियों की तेज रफ्तार कार मुरैना फ्लाईओवर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और पुलिस की मुस्तैदी से इस हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश हो सका।
10 दिनों की सटीक रैकी के बाद दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात का मास्टरमाइंड भोपाल निवासी राज था। उसने फिरोजाबाद में अपने रिश्तेदारों के घर रहकर लगातार 10 दिनों तक स्थानीय पशु व्यापारियों जान मोहम्मद, रहीश और अनीश की हर गतिविधि पर नजर रखी। जब उसे पता चला कि व्यापारी सुबह की हाट के लिए देर रात 2 बजे भारी भरकम नकदी लेकर निकलते हैं, तो उसने भोपाल से अपने चार साथी रिहान (22), खालिद (40), अरसव (35) और आबिद (27) को फिरोजाबाद बुला लिया।
एक भूल और कार से पार हो गए ₹41 लाख
14 सितंबर की रात करीब 2 बजे जैसे ही व्यापारी कार से निकले, तभी एक व्यापारी को घर पर मोबाइल भूलने का अहसास हुआ। कार वापस मोड़कर जैसे ही वह फोन लेने गया और अन्य दो साथी पास में ही बाथरूम के लिए हटे, घात लगाए बैठे बदमाशों ने महज कुछ सेकेंडों में कार से ₹41 लाख से भरे दो बैग पार कर दिए और ग्वालियर की तरफ चंपत हो गए।
मददगार बने नेता को हुआ शक, तो खुली पोल
मुरैना के पास ओवरटेक करने के दौरान बदमाशों की कार एक ट्रक से टकरा गई। इसी बीच वहां से गुजर रहे भाजपा नेता अर्जुन तोमर घायलों की मदद के लिए रुके। घायल अवस्था में भी आरोपी बार-बार एक खास बैग निकालने की जिद कर रहे थे। तोमर ने जब बैग उठाया तो उसके अत्यधिक भारी और सख्त होने पर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत मौके पर मौजूद पुलिस को सतर्क किया। तलाशी लेने पर बैग से ₹41 लाख कैश, पिस्टल, खंजर और काले मास्क बरामद हुए।
अंतरराज्यीय क्राइम नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों में अरसव और आबिद भोपाल के सूचीबद्ध निगरानीशुदा बदमाश हैं, जिनका पुराना रिकॉर्ड एटीएम क्लोनिंग जैसी वारदातों से जुड़ा रहा है। फिरोजाबाद और मुरैना पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़े हैं।








