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श्रमिकों के मसीहा पंडित श्याम तिवारी का निधन, छात्र नेता से प्रदेश सचिव तक का सफर, हजारों श्रमिकों के हक की आवाज बने

कैमोर ( कटनी ), यशभारत। छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले, श्रमिकों के हितों के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव रहे पंडित श्याम तिवारी का आज प्रातः लगभग 4:30 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही कैमोर सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं।

9 अप्रैल 1957 को जन्मे पंडित श्याम तिवारी ने छात्र नेता के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आगे चलकर श्रमिक नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। ट्रेड यूनियन के मामलों के वे गहरे जानकार माने जाते थे। उन्होंने अपने संघर्ष के माध्यम से हजारों मजदूरों को ग्रेच्युटी का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनके सामाजिक एवं श्रमिक हितों से जुड़े कार्यों में एक महत्वपूर्ण कार्य 5 हजार से अधिक लोगों को फाइबर का पैसा विदेशी एनजीओ के माध्यम से दिलाना भी बताया जाता है। श्रमिकों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर वे हमेशा मुखर रहे। इसी कारण क्षेत्र में उन्हें श्रमिकों का मसीहा भी कहा जाता था।

हर वर्ग में थी लोकप्रियता
पंडित श्याम तिवारी की लोकप्रियता केवल श्रमिक वर्ग तक सीमित नहीं थी। बच्चे, युवा, हमउम्र साथी और वृद्ध—हर वर्ग के लोगों के बीच उनका आत्मीय संबंध था। उनका ठेठ देहाती अंदाज, सहज व्यवहार और लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान कराने की तत्परता उनकी पहचान बन गई थी। बताया जाता है कि वे तख्त पर बैठकर घंटों लोगों की समस्याएं सुनते और अपनी क्षमता के अनुसार उनके समाधान का प्रयास करते थे। उनके निधन से क्षेत्र ने एक ऐसे जननेता को खो दिया है, जिसने लंबे समय तक आम लोगों और श्रमिकों के बीच रहकर काम किया।

आज शाम होगा अंतिम संस्कार

पंडित श्याम तिवारी का अंतिम संस्कार आज शाम 5:00 बजे कैमोर स्थित मुक्तिधाम में किया जाएगा। निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक एवं श्रमिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।IMG 20260916 WA03871

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