रीवा से दिल्ली तक हड़कंप : 10 दिनों से कल्पना के पिता चौराहे पर दे रहे धरना

रीवा। पिछले 10 दिनों से कल्पना के पिता और परिवार वाले सिरमौर चौराहा पर धरना दे रहे हैं। सभी कल्पना की मौत के मामले में दोषियों पर एफआईआर की मांग कर रहे हैं। इस एक धरना प्रदर्शन ने पूरी सरकार को हिला रखा है। रीवा से लेकर भोपाल ही नहीं दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है। सभी इस प्रदर्शन को जल्द से जल्द खत्म कराने में जुटे हुए हैं। जिला मजिस्ट्रेट और एसपी अपनी कोशिशों में सफल भी हो गए थे।

8 सितंबर को कलेक्टर और एसपी कल्पना के पिता और परिवार के सदस्यों से मुलाकात करने पहुंचे थे। कल्पना के पिता और परिजनों का कानून व्यवस्था सामान्य करने की बात कही थी। उन्हें समझाने का प्रयास किया था। इस बात पर वह राजी भी हो गए थे। यह भी संभव था कि वह धरना समाप्त कर देते। ऐने मौके पर बिजल विभाग के अफसरों ने बिना कलेक्टर को जानकारी और अनुमति के 9 सितंबर को चुपचाप रात में कनेक्शन काट दिया। बिजली कनेक्शन काटे जाने से पूरे प्रयास पर पानी फिर गया। फिर से आंदोलनकर्ता पिता और परिजनों का गुस्सा भड़क गया। एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे किए कराए पर पानी फेर दिया। अब इस लापरवाही की सजा बिजली विभाग के अधिकारियों को भी मिलेगी। कलेक्टर ने इस मामले में दोषियों पर तुरंत कार्रवाई के लिए पत्र बिजली विभाग के एमडी को लिखा है। शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता अभिषेक शुक्ला, एई मेंटीनेंस , सीई और एक अधिकारी को इस लापरवाही के मामले में मुख्य महाप्रबंधक ने नोटिस जारी कर दिया है।
7 दिन में जवाब मांगा है पत्र में लिखा गया है कि दोनों अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को बिगाडऩे का काम किया है। इतना ही नहीं धरना स्थल की बिजली कटवाने के बाद कार्यपालन अभियंता अभिषेक शुक्ला ने फोन भी बंद कर लिया था। जिला प्रशासन और पुलिस ने जब संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। इससे स्थितियां और बिगड़ गईं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उच्च अधिकारियों द्वारा कानून व्यवस्था बनाई जा रही थी। इस मौके पर जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों की अवज्ञा कर जिला प्रशासन के कानून व्यवस्था बनाने के प्रयासों को असफल किया गया। इस एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे शहर का माहौल खराब कर दिया है। कानून व्यवस्था बिगड़ गई है।
तनाव की स्थिति निर्मित है। धरना स्थल की बिजली काटने से स्थिति और और उग्र कर दिया गय है। शासन विरोधी काम कर अधिकारी अनुशासनात्मक कार्यवाही के पात्र बन गए हैं। इसी तरह की नोटिस सभी को जारी की गई है बिजली विभाग में कई अधिकारी ऐसे हैं,जिन्हें पद से हटाया गया था। हाल ही में कई जेई, एई पर भी गाज गिरी। उन्हें इधर से उधर किया गया था। डीई तक को हटा दिया गया था। इसका भी बदला डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला से लेने के लिए जानबूझकर धरना स्थल का कनेक्शन काटा जा सकता है। पूरे रीवा जिला में ऐसे अधिकारी पदस्थ हैं, जो दागी रहे हैं। भाजपा शासन काल में कई बार पदों से हटाए गए। अब भी वही जमें है। ऐसे में यह हरकत जानबूझ कर भी की जा सकती है। हालांकि इस कांड के बाद डीई और एसई पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। मुख्य महाप्रबंधक एमए कुरैशी ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धरना स्थल के लिए 5 दिन का अस्थाई परमिट लिया गया था। 3 तारीख से रीडिंग शुरू हुई थी। 5 दिन के हिसाब से समय सीमा 7 को खत्म हो जाती है लेकिन बिजली विभाग ने कनेक्शन 9 सितंबर को काटा। जब कलेक्टर और एसपी की बात कल्पना के पिता मान गए थे। ऐसे में इस पूरे मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता मानी जा सकती है।







