यशभारत विशेष : सोने और तांबे की जुगलबंदी से भरेगा खजाना…बंधी धूरी में 150 हेक्टेयर जमीन पर लेड जिंक कॉपर खोजने खनन, अब तक 20 कंपनियों ने दिखाई रूचि

कटनी, यशभारत। अब तक चूना और मार्बल के लिए देश भर में मशहूर कटनी जिला अब कॉपर यानि तांबा से भी पहचाना जाएगा। स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव से लगे बंधी धूरी की धरती में लेड जिंक कॉपर की मौजूदगी से कटनी जिले की आर्थिक और औद्योगिक तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद की जा रही है। स्लीमनाबाद के इमलिया गांव में सोने की खदान स्वीकृत होने और मुंबई की एक निजी कंपनी के साथ करार होने के बाद कटनी जिले के लिए यह अच्छी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक बंधी धूरी में कॉपर यानि तांबा होने की संभावनाओं के मद्देनजर यहां खनन की प्रक्रिया शुरू की गई है। खनिज विभाग द्वारा नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब तक देश की 20 नामी-गिरामी कंपनियों द्वारा टेंडर जमा किए गए हैं। 150 हेक्टेयर जमीन में खनन कार्य किया जाएगा। खनिज विभाग के अधिकारी बताते हैं कि तीन साल तक कंपनी द्वारा ग्राम बंधी धूरी में खनन किये जाने के बाद माइङ्क्षनग लीज स्वीकृत की जाएगी।
खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कटनी जिले के स्लीमनाबाद के पास इमलिया में सोने की खदान स्वीकृत होने के बाद भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की रिपोर्ट में सोने और चांदी के साथ ही लेड जिंक कॉपर होने का भी अनुमान लगाया गया था। सर्वेक्षण की रिपोर्ट के बाद बाद खनिज विभाग ने खनन की प्रक्रिया शुरू की। प्रदेश के भू-विज्ञान एवं खनन निदेशालय के अधीक्षण भू विज्ञानी द्वारा जारी की गई निविदा में कटनी जिले के सलैया फाटक में बेसमेटल के खनन को भी शामिल किया गया है। खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियमए 1957 की धारा 10 बी और धारा 11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खनिज ब्लॉक बेसमेटल की इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के लिए कम्पोजट लाइसेंस प्रदान करने के उद्देश्य से निविदाएं आमंत्रित की गई थी। बताया जाता है कि अब तक 20 कंपनियों ने इसमे रूचि दिखाई है। टेंडर खुलने के बाद ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी को खनन की स्वीकृति दी जाएगी। बताया जाता है कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद खनन का काम भी शुरू हो जाएगा।
लेडजिंक कॉपर का मतलब
लेड जिंक कॉपर का मतलब सीसा जस्ता और तांबा है। ये तीनों अत्यंत महत्वपूर्ण और बुनियादी औद्योगिक धातुएं हैं। भू विज्ञान और खनन के क्षेत्र में इन तीनों का नाम अक्सर एक साथ लिया जाता है, क्योंकि प्राकृतिक रूप से ये धातुएं अक्सर जमीन के नीचे एक ही प्रकार की चट्टानों या अयस्क भंडारों में एक साथ पाई जाती हैं। सीसा एक भारी और मुलायम धातु है। इसका सबसे मुख्य उपयोग वाहनों की बैटरियों, एक्स रे मशीनों में रेडिएशन से बचने और निर्माण कार्यों में होता है। इसी तरह जिंक यानि नीले सफेद रंग की धातु है। इसका सबसे बड़ा उपयोग लोहे और स्टील को जंग से बचाने के लिए उन पर परत चढ़ाने में किया जाता है। कॉपर यानि तांबा लाल भूरे रंग की चमकदार धातु है। बिजली और गर्मी का बेहतरीन सुचालक होने के कारण इसका उपयोग बिजली के तारों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोटरों और बर्तनों को बनाने में सबसे ज्यादा होता है। जब किसी खदान या प्रोजेक्ट को लेड जिंक कॉपर प्रोजेक्ट कहा जाता है, तो इसका मतलब होता है कि उस जगह पर इन तीनों धातुओं की मौजूदगी है।
मुंबई की कंपनी धरती से निकालेगी सोना
जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन और मुंबई की एक निजी कंपनी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस करार के साथ ही कटनी आधिकारिक तौर पर देश के स्वर्ण मानचित्र पर अंकित हो गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी और मुंबई की प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अविनाश लांडगे के बीच 50 साल की माइनिंग लीज पर समझौता हुआ है। कंपनी ने ई-नीलामी के जरिए 121 करोड़ रुपए की बोली लगाकर यह खदान अपने नाम की है। हर साल यहां से 33.214 टन गोल्ड अयस्क समेत अन्य खनिज निकाले जाएंगे। गोल्ड अयस्क से सोना मिलेगा। विदित हो कि स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव में खसरा 1536, 1537, 1563, 1564, 1565 व 1576 के 6.51 हेक्टेयर में 50 साल की लीज दी गई है। केंद्रीय खान मंत्रालय ने 23 अगस्त 2023 को खनन योजना को मंजूरी दी थी।
इनका कहना है
कटनी जिले के इमलिया से लगे ग्राम बंधी धूरी में 150 हेक्टेयर जमीन में लेड जिंक कॉपर खनन के लिए टेंडर बुलाए गए हैं। अब तक 20 कंपनियों ने इसमे रूचि दिखाते हुए टेंडर जमा किए हैं। मानसून के बाद काम भी शुरू हो जाएगा। तीन साल के लिए खनन की स्वीकृति दी जाएगी और इसके बाद माइनिंग लीज सेंशन की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्लीमनाबाद क्षेत्र के अंतर्गत इमलिया में गोल्ड ब्लाक और लेड जिंक कॉपर की खदान स्वीकृत होने के बाद हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी और ट्रेनिंग सेंटर भी कटनी में खुलेंगे।
-रत्नेश दीक्षित, उप संचालक खनिज








