टॉर्च की रोशनी में गूंजी आवाज, अवैध निर्माण हटाओ, आवासीय क्षेत्र बचाओ 50 से अधिक कॉलोनियों के रहवासी सड़क पर उतरे, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप

टॉर्च की रोशनी में गूंजी आवाज, अवैध निर्माण हटाओ, आवासीय क्षेत्र बचाओ
50 से अधिक कॉलोनियों के रहवासी सड़क पर उतरे, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप
भोपाल यश भारत। राजधानी में आवासीय क्षेत्रों में बढ़ते अवैध निर्माण अतिक्रमण और आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ नागरिकों का विरोध तेज हो गया है। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के आह्वान पर 50 से अधिक रहवासी कॉलोनियों के लोगों ने टॉर्च लाइट मार्च निकालकर प्रशासन से आवासीय क्षेत्रों का मूल स्वरूप बचाने की मांग की। अरेरा कॉलोनी के महावीर द्वार से शुरू हुआ मार्च करीब दो किलोमीटर की दूरी तय कर वंदे मातरम् चौराहे तक पहुंचा। मार्च में महिलाएं बच्चे बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में टॉर्च लेकर रहवासियों ने अवैध निर्माण हटाओ आवासीय क्षेत्र बचाओ जैसे संदेशों के साथ प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। नागरिकों का कहना है कि आवासीय इलाकों में लगातार व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से यातायात पार्किंग सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। रहवासियों ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद अवैध निर्माणों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि नगर निगम द्वारा पहले किए गए सर्वे में बड़ी संख्या में अवैध निर्माण सामने आने की जानकारी न्यायालय के समक्ष रखी जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा सर्वे के नाम पर कार्रवाई में देरी की जा रही है। समिति ने सुझाव दिया कि अवैध दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों को वैकल्पिक व्यावसायिक परिसरों में स्थानांतरित किया जा सकता है। रहवासियों ने प्रशासन से आवासीय भूखंडों पर निर्माणाधीन अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने और बिना भेदभाव कार्रवाई की मांग की। मार्च में अरेरा कॉलोनी सहित गौतम नगर कोलार रोड नेहरू नगर शाहपुरा साकेत नगर बावड़िया रचना नगर लालघाटी शक्ति नगर और अन्य क्षेत्रों की रहवासी समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय में अवमानना याचिका सहित आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। समिति ने कहा कि टॉर्च मार्च केवल विरोध नहीं बल्कि आवासीय क्षेत्रों को बचाने के लिए नागरिकों की एकजुटता का संदेश है। अभियान को आगे अन्य कॉलोनियों तक विस्तार देने की भी घोषणा की गई।







